बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अब दो को होगी सुनवाई

कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए भीमताल निवासी ब्रिडजेट स्पैंसर ने कहा कि उसके पार्टनर विकास यादव को मुरादाबाद नशामुक्ति केंद्र में अनाधिकृत रूप से बंदी बनाकर रखा गया है। उसे शारीरिक व मानसिक यातना दी जा रही है।

Prashant MishraPublish:Tue, 30 Nov 2021 11:51 PM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 11:51 PM (IST)
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अब दो को होगी सुनवाई
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अब दो को होगी सुनवाई

जागरण संवाददाता, नैनीताल:  हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पीडि़त विकास यादव के कोर्ट में पेश होने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि नियत कर दी है। उसे फिलहाल सुशीला तिवारी अस्पताल में चेकअप कराने को कहा गया है। 

प्रात: दस बजे जब मामले पर सुनवाई शुरू हुई तो कोर्ट ने विकास यादव की मानसिक स्थिति का पता लगाने के लिए बीडी पांडे अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से चिकित्सकों का पैनल गठित कर मेडिकल रिपोर्ट तलब की। साथ ही कहा कि उसमें नशा करने की पुष्टि होती है अथवा नहीं इसकी रिपोर्ट दी जाए। कोर्ट ने मुरादाबाद स्थित नशामुक्ति केंद्र से भी विवरण तलब किया। साथ ही मामले पर सुनवाई के लिए शाम 4 बजे का समय नियत किया। शाम चार बजे जब सुनवाई शुरू हुई तो बीडी पांडे अस्पताल की रिपोर्ट में कहा गया कि उसमें ड्रग्स के लक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस पर कोर्ट ने विशाल को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल भेजने को कहा। 

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष हुई। कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए भीमताल निवासी ब्रिडजेट स्पैंसर ने कहा कि उसके पार्टनर विकास यादव को मुरादाबाद नशामुक्ति केंद्र में अनाधिकृत रूप से बंदी बनाकर रखा गया है। उसे शारीरिक व मानसिक यातना दी जा रही है। इसलिए उसे कोर्ट में पेश किया जाए। हाई कोर्ट के आदेश के क्रम में पुलिस कस्टडी में विकास यादव को कोर्ट में पेश किया गया। विकास यादव की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसेे भीमताल से ले जाने के बाद मुरादाबाद स्थित नशामुक्ति केंद्र में रखा गया, जहां उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीडऩ किया जा रहा है।