उत्तराखंड ही नहीं, देश के लिए अपूर्णीय क्षति, शोक में डूबे पहाड़ के पूर्व फौजी

सेवानिवृत्त कैप्टन हरीश मेहरा का कहना है कि उत्तरखंड के साथ ही हमने देश का महान व्यक्ति खो दिया है। बीते 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने सीडीएस बनाया था।

Prashant MishraWed, 08 Dec 2021 07:17 PM (IST)
पूर्व सैनिकों ने गहरा दुख जताया है और उनकी आत्म शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : चीफ आफ डिफेंस सर्विसेज यानी तीनों सेनाओं के प्रमुख जनरल विपिन रावत की मौत की सूचना पर पूर्व फौजी शोक में डूब गए हैं। उनके एकाएक चले जाने से उत्तराखंड ही नहीं वरन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। पूर्व सैनिकों ने गहरा दुख जताया है और उनकी आत्म शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की है।

बुधवार को हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से पूर्व सैनिक परेशान हो गए। वह तीनों सेनाओं के प्रमुख जनरल विपिन रावत की कुशलता की प्रार्थना करते रहे। इंटरनेट मीडिया पर उसकी कुशलता को लेकर देर शाम तक पोस्टों का आदान-प्रदान चला। लेकिन इसबीच दुखद सूचना ने उन्हें परेशान कर दिया। उन्होंने उनकी आत्म शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की।

सेवानिवृत्त कैप्टन हरीश मेहरा का कहना है कि उत्तरखंड के साथ ही हमने देश का महान व्यक्ति खो दिया है। बीते 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने सीडीएस बनाया था। वह जल, थल और वायु सेना की रीड़ थे।

सेवानिवृत्त कर्नल जीएस बिष्ट ने बताया कि शोक में पूर्व सैनिक डूबे हैं। शोक की लहर है। उत्तराखंड से सीडीएस मिलना अब मुश्किल सा लग रहा है। पूर्व सैनिकों को उनसे काफी उम्मीद थी। वह तीनों सेनाओं में तालमेल बना रहे थे। उनके पास देश की अहम जिम्मेदारी थी। उनके एकाएक चले जाने से सैनिक परिवार भी दुखी है।

पूर्व नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह गढ़िया का कहना है कि जनरल बिपिन रावत भारतीय सेनाध्यक्ष के तौर पर उत्तराखंड की शान थे। तीन वर्ष का कार्यकाल भी पूरा करने के बाद वह चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बने थे। उनके साथ उनकी पत्नी का भी निधन हो गया है। दुखद घड़ी में पूर्व फौजी उनके परिवार के साथ हैं।

अर्धसैनिक संगठन के अध्यक्ष मोहन सिंह कपकोटी ने बताया कि बुधवार को काफी दुखद घटना आई है। तीनों सेनाओं के प्रमुख विपिन रावत का एकाएक चले जाना अपूरणीय क्षति है।उत्तराखंड से ऐसे जाबांज व्यक्तित्व को हमेशा याद किया जाएगा। उनके स्वजनों को दुख सहने की शक्ति भगवान प्रदान करें।

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