घर में नल लगा ही नहीं और बिल आना शुरू हो गया, लोगों ने जल संस्‍थान की डीएम से की शिकायत

गौलापार-चोरगलिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत करनी शुरू कर दी है।

गौलापार क्षेत्र में जलसंस्थान ने बिना लाइन बिछाए ग्रामीणों को कागजों में ही कनेक्शन दे दिए। मामला तब खुला जब बिना कनेक्शन लोगों के पास बिल आने शुरू हुए। इससे अब हड़कंप मच गया है। जिला पंचायत सदस्य ने इसकी शिकायत डीएम से की है।

Prashant MishraSat, 27 Feb 2021 10:05 AM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : जल जीवन मिशन के तहत जलसंस्थान का हर घर नल से जल पहुंचाने की जल्दबाजी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए गौलापार क्षेत्र में जलसंस्थान ने बिना लाइन बिछाए ग्रामीणों को कागजों में ही कनेक्शन दे दिए। मामला तब खुला जब बिना कनेक्शन लोगों के पास बिल आने शुरू हुए। इससे अब हड़कंप मच गया है। जिला पंचायत सदस्य ने इसकी शिकायत डीएम से की है।

केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर को नल से जोड़कर पानी पहुंचाया जा रहा है। ग्रामीणों को मात्र एक रुपये में पेयजल का कनेक्शन दिया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक हर घर को नल से जोड़ा जाना है। इसके बाद पेयजल लाइनों में पानी बढ़ाने, स्रोतों के रखरखाव, भंडारण के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। समय पर लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसरों ने लापरवाही कर दी, जिससे लोग परेशान हो उठे हैं। ग्रामीणों में अफरातफरी तब मची, जब बिना कनेक्शन के ही उनको बिल आने शुरू हो गए। गौलापार-चोरगलिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत करनी शुरू कर दी है। लगातार ऐसे मामले संज्ञान में आने पर जिला पंचायत सदस्य निवेदिता शंकर जोशी ने बिना कनेक्शन बिल भेजने की जांच कर कार्रवाई की मांग डीएम को पत्र भेजकर की है।

गौलापार निवासी प्रकाश भटट ने बताया कि पेयजल कनेक्शन के लिए जलसंस्थान ने कुछ माह पूर्व फार्म भरवाया था। अब तक लाइन नहीं बिछी है और सैकड़ों रुपये के बिल आने शुरू हो गए हैं।

बागजाला के अनिल आर्य का कहना है कि कई गांवों में पेयजल लाइन बिछाने व कनेक्शन देने का काम अधूरा है। जलसंस्थान ने अपनी फाइलों में पहले ही लोगों को कनेक्शन दे दिए। अब बिल आने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। वहीं, जिला पंचायत सदस्‍य निवेदिता शंकर जोशी का कहना है कि बिना पाइप लाइन बिछाए व कनेक्शन दिए हजारों रुपये के बिल ग्रामीणों को आने लगे हैं। जलसंस्थान अपना रिकार्ड साफ रखने के लिए ग्रामीणों का शोषण कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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