विधायक मुन्नी देवी के दोहरे लाभ मामले में 18 को आ सकता है फैसला

जागरण संवाददाता, नैनीताल : चमोली जिले की थराली से हाल ही में भाजपा विधायक मुन्नी देवी के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी काबिज होने के मामले में हाई कोर्ट 18 सितंबर को अंतिम सुनवाई करेगा। विपक्षियों की ओर से अदालत में जवाब दाखिल कर दिया गया है। विधायक ने अपने जवाब में माना है कि वह दो पदों पर काबिज हैं।

थराली के विधायक के निधन के बाद उपचुनाव हुए तो भाजपा ने विधायक की पत्नी व जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी को प्रत्याशी बनाया। मुन्नी देवी ने निर्वाचन के बाद विधायक पद की शपथ ली तो नाटकीय घटनाक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला ने अध्यक्ष पद संभाल ली, मगर मुन्नी देवी ने अध्यक्ष पद छोड़ने से इन्कार कर दिया। उनके विधायक के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर रहने को उपाध्यक्ष लखपत बुटोला ने कोर्ट में चुनौती दी। याचिका में कहा गया है कि दो संवैधानिक पदों पर एक साथ नहीं काबिज नहंी रहा जा सकता। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को जिला पंचायत चमोली, विधायक मुन्नी देवी तथा सरकार की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया। मुन्नी देवी ने दो पदों पर काबिज होना स्वीकार किया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने मामले में अंतिम सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तिथि नियत की है। टाइगर रिजर्व के विरोध में ग्रामीणों ने की सीएम से मुलाकात

हल्द्वानी: नंधौर सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव निरस्त करने की मांग को लेकर चोरगलिया के लोगों ने विधायक बंशीधर भगत व नवीन दुम्का के नेतृत्व में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। सीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि लोगों की राय को दरकिनार नहीं किया जाएगा। बगैर सहमति के टाइगर रिजर्व नहीं बनेगा।

टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव रद्द करने की मांग को लेकर चोरगलिया के ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत व लालकुआं विधायक नवीन दुम्का के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों के शिष्टमंडल ने दून पहुंच सीएम को ज्ञापन सौंपा। विधायक दुम्का ने कहा कि चोरगलिया का क्षेत्र चारों तरफ से जंगल से घिरा है। लोगों के विरोध को उनका पूर्ण समर्थन है। सांसद भगत सिंह कोश्यारी भी इस मामले में ग्रामीणों को आश्वासन दे चुके हैं। दुम्का ने बताया कि सीएम ने आश्वासन देते हुए कहा कि जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी सहमति के बगैर काम शुरू नहीं होगा। शासन स्तर से प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाएगा। इस दौरान भाजयुमो नेता पान सिंह मेवाड़ी, मनोज गढ़कोटी, गोविंद मिश्रा, योगेश आर्य, ललित आर्य, जगदीश नौला, सुनील बोरा, इंदर बिष्ट, त्रिलोक नौला मौजूद रहे।

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