दुकान किराए में राहत देने की तैयारी में नगर निगम हल्द्वानी, चार वर्षीय किराया वृद्धि टालने पर विचार

अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हल्द्वानी नगर निगम व्यापारियों को राहत देने की तैयारी में है। प्रत्येक पांचवें साल में होने वाली दुकान किराया वृद्धि को एक साल के लिए टालने पर मंथन चल रहा है।

Skand ShuklaThu, 10 Jun 2021 06:50 AM (IST)
दुकान किराए में राहत देने की तैयारी में नगर निगम हल्द्वानी, चार वर्षीय किराया वृद्धि टालने पर विचार

गणेश पांडे, हल्द्वानी : अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हल्द्वानी नगर निगम व्यापारियों को राहत देने की तैयारी में है। प्रत्येक पांचवें साल में होने वाली दुकान किराया वृद्धि को एक साल के लिए टालने पर मंथन चल रहा है। नगर निगम की दुकानें चलाने वाले व्यापारियों की संख्या 1183 है, लेकिन इसका संदेश पूरी व्यापारी बिरादरी पर जाएगा।

नगर निगम के दुकानों का किराया में अप्रैल 2021 में ही वृद्धि होनी थी। इससे पहले ही कोरोना ने पैर पसार दिए। कफ्र्यू के कारण करीब डेढ़ माह तक बाजार बंद रहा। इधर, व्यापारी संगठन आर्थिक पैकेज की मांग करने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो कई व्यापारियों ने मेयर से दुकान किराया माफ करने व वृद्धि रोकने की मांग की है। ऐसे में कोरोना काल को देखते हुए पांचवे साल में होने वाली 12.5 प्रतिशत वृद्धि को टालने पर मंथन चल रहा है। इस कारण दुकान किराया के बिल तक नहीं बन पाए हैं।

छूट की समयसीमा भी बढ़ेगी

दुकान किराया 31 मई तक जमा कराने पर 10 फीसद छूट प्रदान की जाती है। संभावना है कि इसे सितंबर या अक्टूबर तक बढ़ाया जा सकता है।

चार श्रेणी में बंटी हैं दुकानें

नगर निगम की दुकानों को उसके स्थान के आधार पर चार श्रेणी में बांटा गया है। सदर बाजार, कारखाना बाजार, नैनीताल रोड आदि प्राइम लोकेशन में आते हैं। रानीबाग वर्ग घ में आता है। लोकेशन व दुकान के कारपेट एरिया के आधार पर किराया तय होता है।

मामूली किराया वसूलता है निगम

बाजार में सामान्य दुकान का किराया 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह है, जबकि निगम की दुकानों का सालाना औसत किराया 12600 रुपये (1050 मासिक) है। श्रेणी के आधार पर यह छह से 18 हजार सालाना होता है।

लाइसेंस नवीनीकरण तिथि बढ़ेगी

कोरोना से निगम की आय प्रभावित हुई है। ऐसे में वसूली बढ़ाने के लिए निगम अतिरिक्त प्रयास कर रहा है। ट्रेड लाइसेंस नवीनीकरण की तिथि बढ़ाने पर भी विचार चल रहा। 15 अप्रैल को तिथि समाप्त हो चुकी है। इसके बाद रोजाना पांच रुपये विलम्ब शुल्क लेने का प्रावधान है। महापौर डा. जोगेंद्र रौतेला ने बताया कि कोरोनाकाल में व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दुकान किराया वृद्धि टालने से उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी। कार्यकारिणी की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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