काशीपुर में अवैध खनन का चल रहा खेल, यहां कायदे- कानून सब फेल

कई स्थान अवैध खनन का गढ़ बन चुके हैं।

बीते छह साल के दौरान 10 से ज्यादा बार पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई। इसके बाद भी खनन माफिया से मिलीभगत का सिलसिला समाप्त नहीं हो पा रहा है। बार-बार अधिकारियों की जांच में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता अवैध खनन के खेल में सामने आ रही है।

Prashant MishraWed, 24 Feb 2021 04:57 PM (IST)

काशीपुर, श्याम मिश्रा। खनन माफिया और खाकी की मिलीभगत के चलते खनन रोकने के लिए बनाए गए सभी कायदे और कानून फेल साबित हो रहे हैं। बीते छह साल के दौरान 10 से ज्यादा बार पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई। इसके बाद भी खनन माफिया से मिलीभगत का सिलसिला समाप्त नहीं हो पा रहा है। बार-बार अधिकारियों की जांच में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता अवैध खनन के खेल में सामने आ रही है। सालों से यह सिलसिला जारी है। अवैध खनन का खेल क्षेत्र में कब खत्त होगा? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। अब कहा जाने लगा है कि तबादला, लाइन हाजिर और सस्पेंड करने से पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं होगा। अवैध खनन रोकने के लिए इससे भी आगे बढ़कर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

काशीपुर एएसपी सेक्टर में कई स्थान अवैध खनन का गढ़ बन चुके हैं। प्रमुख रूप से कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र, आईटीआई थाना क्षेत्र, कुंडा थाना क्षेत्र, सुल्तानपुर पट्टी चौकी क्षेत्र, बन्नाखेड़ा चौकी क्षेत्र, पुलभट्टा थाना क्षेत्र, सूर्या चौकी क्षेत्र, पैगा चौकी क्षेत्र, टांडा चौकी क्षेत्र को अवैध खनन की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर डालने के साथ-साथ नियम और कानूनों की एक लिस्ट भी जारी की गई है। अवैध खनन के मामले में पुलिस को उसी के आधार पर कार्रवाई करनी होती है।

कहा जाता है कि अगर पुलिस नियम, कायदे और कानूनों का पालन करे तो अवैध खनन पूरी तरह से बंद हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। अवैध खनन सालों से बदस्तूर जारी है। समय-समय पर पुलिसकर्मियों पर खनन माफिया के साथ मिलीभगत के भी आरोप लगते रहे हैं। कई बार तो अधिकारियों की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। बीते छह साल के दौरान 10 बार से ज्यादा  पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। बहुतों को निलंबित किया गया तो कईयों को लाइन हाजिर कर दिया गया। कुछ को तबादला भी किया गया। इसके बाद भी अवैध खनन है कि बंद होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

छह साल में यहां हुई बड़ी कार्रवाई

16 फरवरी 2021 को एसएसपी ने खनन माफिया को संरक्षण देने के आरोप में सुल्तानपुर पट्टी के चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। आठ जनवरी 2021 को एसएसपी ने अवैध खनन की शिकायत पर आईटीआई थाने के आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वर्ष 2020 में कुंडेश्वरी चौकी पर तैनात दो एसआई पंकज सिंह और पंकज कुमार को निलंबित किया गया। 2020 में भी बड़ी कार्रवाई हुई एसएसपी दलीप सिंह कुमार ने बाजपुर की बन्नाखेड़ा चौकी के स्टाफ को निलंबित और खटीमा मझोला चौकी के पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। 2018 में तत्कालीन एसएसपी ने कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी वीरेंद्र उर्फ बाबी समेत चौकी के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया।

वर्ष 2017 में कुंडेश्वरी चौकी के दो सिपाहियों के खिलाफ वाहनों से वसूली के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ। जिसके बाद दोनों सिपाही निलंबित किए गए। वर्ष 2017 में तत्कालीन एसएसपी डा. सदानंद दाते ने खनन वाहनों से वसूली के आरोप में टांडा चौकी पर तैनात एसआई अनिल चौहान व राजेंद्र को निलंबित किया। वर्ष 2017 में ही अवैध खनन में पुलभट्टा थाने के 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया। वर्ष 2016 में तत्कालीन एसएसपी केवल खुराना ने खनन कराने के आरोप में पूरी बननाखेड़ा चौकी के पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। 2015 में तत्कालीन एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने कुंडेश्वरी चौकी के दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि अवैध खनन रोकने का पुलिस पूरा प्रयास कर रही है। पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए हमारी कोशिश जारी है।

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