नैनीताल के बलियानाला में फिर भारी भूस्खलन

जागरण संवाददाता, नैनीताल : शहर के लिहाज से अतिसंवेदनशील बलियानाला में एक बार फिर भारी भूस्खलन हो गया। वर्षो से मुहाने पर अटकी विशालकाय चट्टान भी भूस्खलन की चपेट में आ गई। चट्टान के खाई में लुढ़कने के दौरान धूल के गुबार से पहाड़ी भर गई।

बलियानाला की चट्टान के ढहने से अब आसपास की भी पहाड़ी पर कटाव और तेज होने से जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। खतरे को देखते हुए रईस होटल क्षेत्र के 13 परिवारों के आवास खाली कर उन्हें जीआईसी और प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है, जबकि चार परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। साथ ही कृष्णापुर को जाने वाले मार्ग पर दुपहिया वाहनों की आवाजाही बंद करते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। इधर प्रभावितों को जेएनएनयूआरएम स्कीम के तहत वीरभट्टी क्षेत्र में बने आवासों में शिफ्ट करने की मांग को लेकर भाजपा विधायक संजीव आर्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं व क्षेत्रवासियों के साथ धरना प्रदर्शन किया। दो घंटे धरना प्रदर्शन के बाद विधायक को भरोसा दिया गया कि इस मामले में 14 सितंबर को बैठक बुलाई जाएगी। साथ ही साफ कर दिया गया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन है कि डीपीआर में शामिल लोगों को ही घर आवंटित होंगे।

बलियानाला में लगातार भूस्खलन हो रहा है। पिछले सप्ताह से कटाव में एकाएक तेजी आने से रईस होटल व हरिनगर क्षेत्र के वाशिंदों की रातों की नींद उड़ गई है। भूस्खलन की वजह से बलियानाला की पहाड़ी के मध्य के प्राकृतिक जलस्रोत से बल्दियाखान ग्राम पंचायत के सात तोक गांवों तथा गेठिया के लिए बनी पेयजल लाइनें ध्वस्त हो गई हैं, जिससे इन गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मचा है। सोमवार सुबह साढ़े सात बजे एकाएक बलियानाला में पत्थरों की बारिश हुई तो तेज आवाज सुनकर आसपास रह रहे लोग पहुंच गए। देखते ही देखते सालों से अटकी विशालकाय चट्टान भूस्खलन की चपेट में आकर चकनाचूर हो गई। सूचना पर जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन, तहसीलदार कृष्ण चंद्र आर्य समेत अन्य विभागीय अधिकारी पहुंच गए और रईस होटल क्षेत्र के परिवारों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया आरंभ की गई। इधर भारत रत्न पंत जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे विधायक संजीव आर्य को जैसे ही पता चला तो वह भूस्खलन प्रभावित इलाके में पहुंच गए और प्रभावितों से वार्ता की। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि बलियानाला के ट्रीटमेंट के लिए टिहरी हाइड्रो डेवलपमेट कार्पोरेशन से परामर्श के लिए पत्र भेजा गया है। एक बार टीएचडीसी की टीम सर्वे भी कर चुकी है, अब नए सिरे से सर्वे के बाद बलियानाला से हो रहे कटाव को रोकने के स्थाई उपाय को प्रोजेक्ट बनाया जाएगा। डीएम विनोद कुमार सुमन का कहना है कि भूस्खलन से उपजे खतरे के संबंध में शासन व सरकार को अवगत करा दिया गया है। साथ ही प्रभावित परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा है।

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