जल्द अमीर बनने की चाह में हाेनहार और बीटेक पास ललित ज्याला चढ़ता गया अपराध की सीढिय़ां

कम समय में अमीर बनने के ख्वाब ने प्रॉपटी डीलर 40 वर्षीय ललित ज्याला को अपराध के दलदल से बाहर नहीं निकलने दिया। प्रॉपर्टी के धंधे में टॉप बनने के चक्कर में अपराध की सीढिय़ा चढ़ता चला गया। आखिर में खुद का अंत करना पड़ा।

Skand ShuklaFri, 18 Jun 2021 08:30 AM (IST)
जल्द अमीर बनने की चाह में हाेनहार और बीटेक पास ललित ज्याला चढ़ता गया अपराध की सीढिय़ां

खटीमा, संवाद सहयोगी : कम समय में अमीर बनने के ख्वाब ने प्रॉपटी डीलर 40 वर्षीय ललित ज्याला को अपराध के दलदल से बाहर नहीं निकलने दिया। प्रॉपर्टी के धंधे में टॉप बनने के चक्कर में अपराध की सीढिय़ा चढ़ता चला गया। आखिर में खुद का अंत करना पड़ा। समान्य परिवार में जन्मा ललित ज्याला सीधा और सरल स्वभाव का था। पढ़ाई में होशियार ज्याला ने बीटेक किया था। बीस साल पहले परिवार में माता-पिता व भाई की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ ससुराल में ही रहने लगा था। उसने पैसा कमाने की शुरुआत ब्याज पर रकम देने व फिल्टर लगाने के कारोबार से शुरू किया।

पहली बार वर्ष 2006-07 में वह एक प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में पार्टनरशिप में शामिल हुआ। जमीन से मिले मुनाफे ने उसके ख्वाबों को और बड़ा कर दिया। कम समय में टॉप पर आने के लिए प्रॉपटी डीलिंग का काम बढ़ा दिया। कुछ ही समय में खुद की टीम खड़ी कर दी। अब डीलिंग खुद करने लगा। नाम चल पड़ा। आमदनी बढऩे के साथ ही शौक भी बढ़ते गए। महंगी जमीने खरीदी, लेकिन समय पर जमीन मालिकों को पैसा चुकता नहीं कर पाया। उन्हीं जमीनों को कम दामों में दूसरों बेचकर इसकी टोपी उसके सिर घुमाते हुए भुनाता रहा। ऐसे में कई लोगों का करोड़ों का देनदार हो गया। इसी दौरान उसने पुलिस अधिकारियों से लेकर कई विभागों के अफसरों व जनप्रतिनिधियों को महंगे गिफ्ट देकर संबंध बनाने लगा।

ऐसा कर उसकी आर्थिक स्थिति और गर्त में जाती गई। इसके बाद वह लोगों की जमीनों धोखे से कब्जे करने के मामले भी शुरू कर दिए थे। ऐसे में कई जगह मार भी खानी पड़ी। इसी दौरान ललित ज्याला की प्रॉपर्टी डीलर सूरज चंद से दोस्ती हो गई। बड़ा लेन-देन भी होने लगा तो ललित ज्याला पैसे नहीं लौटा पाया। ऐसे में अधिकांश प्रॉपर्टी सूरज चंद के पास आ गई। बाद में ललित ज्याला ने खुर्द को कर्ज मुक्त बनाने के लिए अपराध करने का प्लान बना लिया।

प्लानिंग के तहत ललित ने पहले सूरज से अपना अपना लेनदेन जमीन देकर निपटाया। अलबत्ता दिखावे की दोस्ती बनाए रखी। इस अपराध का खाका उस अकेले के दिमाग में ही था। प्लान उन साथियों को भी नहीं बताया, जिन्होंने हत्या करने में उसका साथ दिया। सूरज को अपनी ही बहन के घर ले जाकर अपहरण किया। फिर कोरे स्टांप पर अंगूठा लगाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी। मामला छठे दिन खुल गया। जमानत से छूटने के बाद भी लोगों के साथ कई जगह धोखाधड़ी की। एक मामले तो वह कुछ दिन दोबारा जेल भी रहा। छूटने के बाद इधर-उधर भी रहा। पिछले चार महीने से लापता हो गया था। बुधवार को उसके अंत की खबर गुजरात से आई।

करोड़ों की अभी भी देनदारी

ललित ललित ज्याला की अब भी लोगों से कई करोड़ की देनदारी की बात लोग दबी जुबान कर रहे हैं। कुछ लेनदार तो वही हैं, जो उसके साथ प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। कई मामलों में केस चल रहे हैं।

कम समय में नाम भी, बदनामी भी

ललित ललित ज्याला ने प्रॉपर्टी की दुनिया में कदम रखते ही बहुत कम समय में नाम और शोहरत कमाई थी। लेकिन आठ-नौ सालों में जितनी तेजी से शिखर पर पहुंचा था उतनी ही तेजी से जमीन पर आ पहुंचा। तीज त्योहारों पर ललित ललित ज्याला के गिफ्ट का लोग बेसब्री से लोग इंतजार करते थे।

डीएनए टेस्ट कराएगी पुलिस

गुजरात के जामनगर में फंदे से लटककर मौत को गले लगाने वाले ललित ज्याला का पुलिस डीएनए टेस्ट कराएगी। एसएसआइ लक्ष्मण सिंह जगवाण ने बताया कि इसके लिए गुजरात पुलिस को सूचना दे दी गई है। डीएनए करने के बाद ललित के स्वजनों से उसका मिलान कराया जाएगा।

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