Indira Hridyesh Latest News : हल्द्वानी के ये प्रोजेक्ट थे इंदिरा का सपना, देश के सुविधा सम्पन्न शहरों में शुमार करने का था ख्वाब

Indira Hridyesh Latest News कुमाऊं की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी के विकास को लेकर वरिष्ठ नेता इंदिरा हृदयेश ने बड़ा सपना देखा था। वह हल्द्वानी को देश के खूबसूरत और सुविधा सम्पन्न शहरों में शुमार करना चाहती थीं।

Skand ShuklaSun, 13 Jun 2021 02:50 PM (IST)
हल्द्वानी के ये प्रोजेक्ट थे इंदिरा का सपना, देश के सुविधा सम्पन्न शहरों में शुमार करने का था ख्वाब

नैनीताल, जागरण संवाददात : Indira Hridyesh Latest News : कुमाऊं की आर्थिक राजधानी हल्द्वानी के विकास को लेकर वरिष्ठ नेता इंदिरा हृदयेश ने बड़ा सपना देखा था। वह हल्द्वानी को देश के खूबसूरत और सुविधा सम्पन्न शहरों में शुमार करना चाहती थीं। उनके ही प्रयासों का प्रतिफल रहा हल्द्वानी में करोड़ाे की लागत से इंटरनेशनल स्टेडियम बनकर तैयार हुआ और उसमें खली समेत इंटरनेशनल रेसलर के मैच हुए। गौलापार में आइएसबीटी और अंतरराष्ट्रीय चिडि़याघर बनने का रास्ता साफ हुआ। हालांकि हल्द्वानी के विकास का आधार बनने वाले ये प्रस्ताव राजनीतिक द्वंद्व के कारण अब तक फंसे हुए हैं। आईएसबीटी को लेकर जहां गौलापार में प्रस्तावित जमीन काे सरकार ने वापस कर दिया वहीं दूसरे स्थान पर बनने के लिए जमीन अब तक नहीं फाइनल हो सकी। यही हाल है गौलपार जू का भी। जू के निर्माण की दिशा में सरकार दो कदम भी नहीं बढ़ सकी है।

कई बार सार्वजनिक मंचों पर जता चुकी थीं दुख

हल्द्वानी के विकास प्रस्तावाें ठंडे बस्ते में जाने पर इंदिरा हृदयेश कई बार दुख जता चुकी थीं। वह कहती थीं कि मुझे दुख होता है कि सरकार जनता के पैसों की बर्बादी कर रही है। आज तक न तो स्टेडियम को तैयार किया गया न ही आईएसबीटी का निर्माण ही शुरू हुआ। उनका कहना था कि स्टेडियम का निर्माण हो चुका है। अगर आप तीन वर्ष तक अपने घर काे लावारिस छोड़ देंगे तो वह भी खस्ताहाल हो जायेंगा। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए करोड़ो रुपये स्टेडियम में लगाये गये हैं। बावजूद इसके इन्हें उपेक्षित छोड़ दिया गया है।

इंटरनेशनल स्टेडियम

कांग्रेस सरकार में वर्ष 2014 में इंदिरा हृदयेश के ही प्रयासों से गौलापार में इंटरनेशनल स्टेडियम शुरू हुआ था। सरकार ने इसके लिए 192 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। स्टेडियम बनकर तैयार हुआ तो उसमें उसमें खली समेत इंटरनेशनल रेसलर के मैच हुए। हालांकि बाद में राजनीतिक द्वंद्व के चलते प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। वहीं अब शासन इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने की तैयारी कर रहा है।

आइएसबीटी

गौलापार में आइएसबीटी का प्रस्ताव भी कांग्रेस सरकार में इंदिरा हृदयेश प्रयासों से ही पास हुआ। जमीन मिलने के बाद काम शुरू भी करवा दिया गया था, मगर फिर भाजपा सरकार ने निर्णय बदल लिया और भूमि भी वापस कर दी। फिलहाल तीनपानी के पास नई फारेस्ट लैंड तलाशने के बाद जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही है। लगभग दस हेक्टेयर जमीन पर आइएसबीटी का निर्माण होगा। चार साल से प्रोजेक्ट पर सियासत जारी है।

इंटरनेशनल चिडियाघर

कांग्रेस सरकार में मंजूर हुआ गौलापार का चिड़ियाघर बनने से पहले बुरे दौर में पहुंच गया। 412 हेक्टेयर जमीन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का जू बनना था। मगर बजट के संकट ने जू की दिक्कतें भी बढ़ा दी। फिलहाल बाउंड्री वाल और कृत्रिम झील ही बन पाई। वाइल्डलाइफ टूरिज्म को लेकर यह प्रोजेक्ट हल्द्वानी को एक नई पहचान दिला सकता है। चिड़ियाघर चिड़ियाघर का निर्माण भी इंदिरा का सपना था।

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