ऊधमसिंह नगर में सीमा पर कोरोना जांच को प्रशासन गंभीर तो सेहत विभाग बेपरवाह

संयुक्त मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में रामपुर-रुद्रपुर बार्डर पर कोरोना जांच टीम नहीं दिख्री। इस पर जेएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ से जवाब मांगा है। कुछ दिन पहले डीएम रंजना राजगुरु ने रुद्रपुर बार्डर पर निरीक्षण किया तो टीम नहीं दिखी। उन्होंने सीएमओ को कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी।

Prashant MishraWed, 02 Jun 2021 10:40 PM (IST)
पहाड़ तक के जिलों में कई पर्यटक वाहन सहित बिना जांच के पकड़े गए हैं।

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : कोरोना जांच मामले में स्वास्थ्य विभाग की बेशर्मी भी हद है। डीएम की चेतावनी के बाद भी सीएमओ की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट के निरीक्षण में रामपुर-रुद्रपुर बार्डर पर कोरोना जांच टीम नहीं दिख्री। इस पर जेएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ से जवाब मांगा है। हालांकि उनके निरीक्षण में कोविड अस्पताल में सब कुछ सही मिला। कुछ दिन पहले डीएम रंजना राजगुरु ने रुद्रपुर बार्डर पर दोपहर करीब 12 बजे निरीक्षण किया तो कोरोना जांच टीम नहीं दिखी। उन्होंने सीएमओ डा. डीएस पंचपाल को कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।

बार्डर पर बाहरी आने वालों की समय से जांच हो रही है या नहीं, इससे कोई मतलब नहीं है। संयुक्त मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने बुधवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे रुद्रपुर बार्डर का निरीक्षण किया तो कोरोना जांच टीम नहीं दिखी। इसे खफा उन्होंने सीएमओ से जवाब मांगा कि बार्डर पर सुबह आठ बजे से जांच शुरु की जाती है,मगर अभी तक नहीं टीम नहीं पहुंची। दरअसल, कुमाऊं में प्रवेश करने का रास्ता ऊधमसिंह नगर से ही होकर आता है। इसलिए यहां पर कोरोना जांच बहुत महत्वपूर्ण है। यदि यहां चूक हुई तो पूरा कुमाऊं संक्रमित होने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा कई बार देखने को मिला है कि नैनीताल से लेकर ऊपर पहाड़ तक के जिलों में कई पर्यटक वाहन सहित बिना जांच के पकड़े गए हैं। यदि इनमें कोई संक्रमित हुआ तो वह जहां-जहां भी जाएगा और जिस-जिस से मिलेगा उसे संक्रमित कर सकता है।

उन्होंने बार्डर पर तैनात पुलिस से बाहर से आने वालों और जांच की जानकारी ली। उन्होंने मेडिकल कालेज में बने कोविड अस्पताल स्थित हेल्प डेस्क का निरीक्षण कर मौजूद कर्मचारियों से मरीजों की जानकारी ली। बताया कि कोविड अस्पताल में 27 कोरोना मरीज भर्ती थे। इनमें सात आइसीयू में है,जिनके स्वास्थ्य में काफी सुधार है। उन्होंने कंट्रोल रुम में शिकायत बहुत कम आ रही है। रोजाना एक या दो शिकायतें मिल रही हैं।

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