काशीपुर में महिला ने प्रेमी से कराई थी जेठ चंद्रपाल की हत्या, प्रेमी सहित महिला गिरफ्तार

छोटे भाई की पत्नी ने अवैध संबंधों में रुकावट बनने पर अपने प्रेमी से कराई थी। पुलिस ने हत्याकांड से पर्दा उठा दिया है। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में उपयोग की गई ईंट खून से रंगे कपड़े व अन्य सामान बरामद कर लिया है।

Prashant MishraWed, 16 Jun 2021 09:56 PM (IST)
सविता अवैध संबंधों में सबसे बड़ी रुकावट जेठ चंद्रपाल को मानती थी।

जागरण संवाददाता, काशीपुर : टीला गांव के चंद्रपाल सिंह की हत्या उसके छोटे भाई की पत्नी ने अवैध संबंधों में रुकावट बनने पर अपने प्रेमी से कराई थी। पुलिस ने हत्याकांड से पर्दा उठा दिया है। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में उपयोग की गई ईंट, खून से रंगे कपड़े व अन्य सामान बरामद कर लिया है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 2500 रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।

सोमवार की रात कुंडा थाना क्षेत्र के गांव टीला निवासी चंद्रपाल सिंह की ईंट से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। मंगलवार सुबह उसकी हत्या का पता चला तो हड़कंप मच गया। मृतक के पुत्र सचिन ने अपनी चाची सविता देवी पत्नी रामपाल और उसके प्रेमी गांव के ही मंजीत सिंह पुत्र करन सिंह पर हत्या का शक जाहिर किया गया था। मृतक के पुत्र की तहरीर के आधार पर कुंडा पुलिस ने आइपीसी की धारा 302 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया। एसएसपी और एसपी के संयुक्त निर्देशन में तीन टीमें खुलासे के लिए लगाई गईं।

दूसरे ही दिन पुलिस ने हत्याकांड सेउठा दिया पर्दा

बुधवार को एसपी प्रमोद कुमार ने अपने कार्यालय में पत्रकारवार्ता की। उन्होंने बताया कि सविता का विवाह वर्ष 2009 में चंद्रपाल के सबसे छोटे भाई रामपाल के साथ हुआ था। शादी के बाद सविता के गांव के ही मंजीत सिंह से अवैध संबंध हो गए। यह सिलसिला बीते चार साल तक चलता रहा। सविता अवैध संबंधों में सबसे बड़ी रुकावट जेठ चंद्रपाल को मानती थी। पति रामपाल और सविता में अक्सर झगड़ा होता था। तीन साल पहले गांव वालों ने सविता और मंजीत को रात के समय घर में पकड़ा था और जमकर हंगामा हुआ था। लॉकडाउन में मिलना बंद हो जाने पर तीन दिन पहले दोनों भागकर मुरादाबाद चले गए थे।

मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर दोनों को रेलवे पुलिस ने संदिग्ध देखकर पूछताछ की। किसी तरह पुलिस को समझा कर दोनों वहां से निकले। खतरे को देखते हुए दोनों गांव वापस आ गए। इसी दौरान सविता ने मंजीत से कहा कि उसने मंजीत के चक्कर में अपना सब कुछ छोड़ दिया है। रोज पिटाई खाती है, गाली-गलौज सहती है, लेकिन मंजीत ने उसके लिए कुछ नहीं किया है। जब मंजीत ने पूछा कि उसे क्या करना है तो सविता ने उससे वादा ले लिया कि मंजीत घर के मुखिया चंद्रपाल सिंह की हत्या कर दे। क्योंकि चंद्रपाल सिंह उनके रास्ते की बाधा बन गया है। मंजीत ने सविता से वादा किया कि वह चंद्रपाल सिंह को मार डालेगा। इसके बाद सोमवार रात मंजीत सिंह कत्यायनी पेपर मिल में हाजिरी लगाने के बाद टीला गांव पहुंचा और चंद्रपाल सिंह की ईंट से कुचलकर हत्या कर दी। दोनों के खिलाफ सबूत जुटाने के बाद बुधवार को पुलिस ने मंजीत और सविता को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट के समक्ष पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस को चकमा देने को रची थी साजिश

मंजीत ने पुलिस को चकमा देने के लिए पूरी साजिश तैयार की थी, लेकिन पुलिस ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। उसने सोमवार शाम पेपर मिल पहुंच कर हाजिरी लगा दी और फिर मौका पाकर अन्य मिल स्टाफ को चकमा देकर टीला गांव पहुंचा और चंद्रपाल की हत्या कर दी। मंजीत ने पुलिस को बताया कि कात्यायनी पेपर मिल में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। सोमवार शाम को मिल में कच्चा माल खत्म हो गया था। ऐसे में वह मिल से बाहर निकल गया और हत्या करने के बाद दोबारा से मिल में पहुंच गया ताकि वह पुलिस को बता सके कि वह तो मिल में था, ऐसे में वह हत्या कैसे कर सकता है। हालांकि उसकी साजिश काम नहीं आई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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