देश में गोहत्या के लिए हिंदू व्यापारी जिम्मेदार : शंकराचार्य निश्चलानंद

गोवंश हत्या के मुख्य लोग हिंदू व्यापारी हैं। कई व्यापारी इसमें जुड़े हैं। इसलिए हम औरों पर आरोप न लगाएं। गोवंश की उपयोगिता न होने से गोहत्या को बढ़ावा मिल रहा है। खेतों की जुताई ट्रैक्टर से हो रही है जिसने गोवंश की उपयोगिता को खत्म कर दी है।

Prashant MishraWed, 01 Dec 2021 08:38 PM (IST)
कोई ऐसा राजनीतिक दल नहीं जो गोवंश हत्या का पक्षधर न हो।

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : गोवर्धन मठ पुरी के जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि गोवंश हत्या के मुख्य लोग हिंदू व्यापारी हैं। कई व्यापारी इसमें जुड़े हैं। इसलिए हम औरों पर आरोप न लगाएं। गोवंश की उपयोगिता न होने से गोहत्या को बढ़ावा मिल रहा है। खेतों की जुताई ट्रैक्टर से हो रही है, जिसने गोवंश की उपयोगिता को खत्म कर दी है। किसी भी राजनीतिक दल ने गोहत्या पर गौर नहीं किया। पीएम मोदी ने गोरक्षकों के लिए गुंडे शब्द का प्रयोग किया। जब हिंदू ही ऐसा करेंगे तो हत्यारों के हौसले बुलंद होंगे ही। कोई ऐसा राजनीतिक दल नहीं जो गोवंश हत्या का पक्षधर न हो।

उड़ीसा के गोवर्धन मठ पुरी के जगतगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती के हरी चंद मिड्डा के आवास पर बुधवार को दीक्षा समारोह में शहर के विभिन्न गणमान्य लोगों ने उनसे सवाल पूछकर मनोजिज्ञासा शांत की। एक व्यापारी ने जगतगुरु शंकराचार्य से पूछा कि भागदौड़ की ङ्क्षजदगी में मानसिक तनाव से कैसे दूर रहें। इस पर जगतगुरु ने भगवान का भजन करने के लिए कहा। साथ ही सोने से पहले भजन और जगने के बाद शिव नाम का जाप करने को कहा।

अर्पित राज कक्कर ने कहा कि सरकार केंद्र व राज्य में पूर्ण बहुमत से आई इसके बाद भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया गया। तब शंकराचार्य निश्चलानंद ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी और मनमोहन ङ्क्षसह प्रधानमंत्री थे तब कुछ हिंदूवादी संगठनों ने गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने की मांग की। उस समय बात को अनसुनी कर दी गई। मनमोहन बड़े चतुर निकले। उन्होंने सोचा कि ऐसे घोषणा करेंगे तो बीजेपी का नाम होगा। इसलिए वह बाद में अपनी ओर से गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कर दी, लेकिन आज तक सुधार नहीं हो सका। गोरक्षा पर कहा कि गीता के 18वें अध्याय में गोरक्षा के बारे में लिखा है। जब तक गोवंश का वाणिज्य एवं कृषि में प्रयोग नहीं लिया जाएगा, उनकी सुरक्षा नहीं हो सकती। मुक्ति पर कहा कि जिसने आत्मारूप को समझ लिया वो मुक्ति पा लिया। दायित्वों का पालन करने वाले गोलोक को प्राप्त होते हैं। इस मौके पर विधायक राजकुमार ठुकराल, हरवंश, राधेश्याम, राजेश पाठक, संजय ठुकराल मौजूद थे। 

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