दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

हाईपावर कमेटी बैठक कर कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का ले निर्णय : हाई कोर्ट

जेल महानिरीक्षक आईपी अंशुमान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले में बनी हाईपावर कमेटी को दो हफ्ते में बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि बिना टेस्ट के किसी भी कैदी को पैरोल पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

Prashant MishraFri, 07 May 2021 06:20 AM (IST)

जागरण संवाददाता, नैनीताल। कोविड काल मे हाई कोर्ट ने प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को पेरोल पर छोड़े जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले में बनी हाईपावर कमेटी को दो हफ्ते में बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि बिना टेस्ट के किसी भी कैदी को पैरोल पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। कोर्ट ने मामले में छह जून तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

गुरुवार का हरिद्वार निवासी ओमवीर सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान जेल महानिरीक्षक आईपी अंशुमान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से  पेश हुए। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कैदियों को पेरोल पर छोड़ने के लिये पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की सिफारिश पर पिछले साल  699 को छोड़ा गया था। गुरुवार को सुनवाई के बाद अदालत ने कमेटी को दो हफ्ते में बैठक कर सात या सात साल से कम सजायाफ्ता बंदियों को पेरोल पर छोड़े जाने के मामले पर निर्णय लिए जाने के निर्देश दिये हैं।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.