Uttrakhand first Delta Plus variant : मामले को लेकर उलझा स्वास्थ्य विभाग, वार्ड के सभी 40 नमूने निगेटिव

डाक्टर समझ नहीं पा रहे हैं कि जब छात्र को 26 दिन बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई तो कहीं ऐसा तो नहीं यह संक्रमण स्थानीय स्तर पर हुआ हो। हालांकि राहत भरी बात यह है कि वार्ड के 40 लोगों के नमूनों की जांच में निगेटिव रिपोर्ट आई है।

Prashant MishraThu, 08 Jul 2021 09:31 PM (IST)
मामले को सीएमओ लखनऊ को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : दिनेशपुर में मिले डेल्टा प्लस वेरिएंट के केस में स्वास्थ्य विभाग उलझ गया है। लखनऊ से आए आइआइटी के छात्र को 21 दिन बाद हल्का बुखार आया था। जांच कराने पर कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसे लेकर डाक्टर समझ नहीं पा रहे हैं कि जब छात्र को 26 दिन बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई तो कहीं ऐसा तो नहीं, यह संक्रमण स्थानीय स्तर पर हुआ हो। हालांकि राहत भरी बात यह है कि वार्ड के 40 लोगों के नमूनों की आरटीपीसीआर जांच में निगेटिव रिपोर्ट आई है।

आइआइटी का छात्र लखनऊ से टैक्सी से 29 अप्रैल को अपने पैतृक आवास ग्राम बुक्सौरा पहुंचा। वह कुछ लोगों के संपर्क में रहा। 19 मई को सर्दी-जुकाम व बुखार की शिकायत हुई तो कोरोना जांच के लिए नमूना लिया गया। 24 मई को आरटीपीसीआर जांच में पॉजिटिव की पुष्टि हुई। इस पर उसे होम आइसोलेट किया गया। एसओपी के नियम का पालन करने के बाद नौ जून को छात्र लखनऊ चला गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद रैंडम में छात्र का जीनोम सीक्वेङ्क्षसग जांच के लिए दिल्ली भेजा गया। मंगलवार शाम को आई रिपोर्ट में डेल्टा प्लस वेरिएंट केस पाया गया। जो राज्य का यह पहला मामला है। डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमण तेजी से फैलता है। इसे लेकर डाक्टरों में चर्चा थी कि यदि छात्र लखनऊ से कोरोना संक्रमित होकर आया होता तो वह ठीक हो गया होता। क्योंकि कोरोना की साइङ्क्षक्लग 14 दिन की होती है। जबकि छात्र को 21 दिन बाद कोरोना का सिम्टम दिखा और 26 दिन बाद कोरेाना संक्रमण की पुष्टि हुई। छात्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट मिलने पर भी उसे कोई दिक्कत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने दिनेशपुर वार्ड नं तीन में गुरुवार को 388 घरों का सर्वे किया तो किसी को जुकाम, बुखार आदि के लक्षण नहीं मिले। बुधवार को वार्ड तीन में 40 लोगों के लिए गए नमूनों की जांच आरटीपीसीआर में निगेटिव आई है।

डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि छात्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट का केस मिला तो बुधवार को वार्ड तीन में 40 लोगों के नमूने लेकर आरटीपीसीआर जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। डेल्टा प्लस वेरिएंट मामले को सीएमओ लखनऊ को स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।

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