हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डाक्टरों का आधे दिन का बहिष्कार, काम प्रभावित

कॉलेज प्रशासन का वादा था कि कोविड ड्यूटी के दौरान 60 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। यह वादा पूरा करना तो दूर हमें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं मिला। अब इसलिए हमें मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ रहा है।

Prashant MishraSat, 19 Jun 2021 04:56 PM (IST)
देश का यह अकेला राज्य है, जहां इंटर्न डाक्टरों को 7500 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : राजकीय मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डाक्टर मानदेय कम मिलने से नाराज हैं। आज वह आधे दिन के कार्य बहिष्कार पर हैं। इसकी वजह से कई काम प्रभावित हो गए हैं। उनकी मांग है कि सरकार हमें अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेजों के बराबर मानदेय दे। कॉलेज प्रशासन का वादा था कि कोविड ड्यूटी के दौरान 60 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। यह वादा पूरा करना तो दूर हमें सम्मानजनक मानदेय भी नहीं मिला। अब इसलिए हमें मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ रहा है। इस दौरान डा. अजित तिवारी, डा. उमर आजम, डा. अरुण जलाल, डा. प्रिंसी सैनी, डा. ज्योति रूमाल, डा. मनीष कुमार आदि शामिल रहे।

ओटी से लेकर ओपीडी प्रभावित

एमबीबीएस के बाद एक साल की ड्यूटी करने वाले इंटर्न डाक्टरों के कार्य बहिष्कार पर जाने से डा. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में ओपीडी व ओटी प्रभावित हुई हैं। हालांकि आधे डाक्टर कोविड ड्यूटी में डटे हुए हैं।

मानदेय 23500 दिए जाने की मांग

डा. अजित तिवारी का कहना है कि देश का यह अकेला राज्य है, जहां इंटर्न डाक्टरों को 7500 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। जबिक अन्य राज्यों में 20 हजार से ऊपर है। कई राज्यों में 30 हजार रुपये तक मानदेय दिया जाता है। हमारी मांग है कि सरकार जल्द ही हमें पूरा मानदेय उपलब्ध कराए।

तीन दिन बाद पूर्ण बहिष्कार करने को होंगे बाध्य

डाक्टरों का कहना है कि हम लोग मजबूर हैं। सरकार हमें आंदोलन करने को बाध्य कर रही है। जबकि हम नहीं चाहते हैं कि ड्यूटी छोड़कर धरने पर बैठें। तीन दिन तक 90 इंटर्न डाक्टरों में आधे ही कार्य बहिष्कार पर हैं। अगर तीन दिन तक हमारी मांगों पर विचार नहीं होता है तो राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों से 400 से अधिक इंटर्न पूर्ण बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य ने बताया क‍ि इंटर्न डाक्टरों के मामले को शासन के संज्ञान में लाया गया है। इनकी मांग शासन स्तर की है। हम डाक्टरों से हड़ताल से वापस आने की अपील कर रहे हैं।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.