नगर निगम हल्‍द्वानी क्षेत्र की संपत्तियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की कवायद, ड्रोन से होगा जीआइएस सर्वे

हल्‍द्वानी शहर में आने वाली सभी संपत्ति को चिह्नित करने के लिए नगर निगम जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआइएस) आधारित सर्वे करने जा रहा है। ड्रोन की मदद से होने वाला सर्वे अगस्त से शुरू होने की संभावना है।

Skand ShuklaWed, 28 Jul 2021 08:40 AM (IST)
नगर निगम हल्‍द्वानी क्षेत्र की संपत्तियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की कवायद, ड्रोन से होगा जीआइएस सर्वे

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : हल्‍द्वानी शहर में आने वाली सभी संपत्ति को चिह्नित करने के लिए नगर निगम जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआइएस) आधारित सर्वे करने जा रहा है। ड्रोन की मदद से होने वाला सर्वे अगस्त से शुरू होने की संभावना है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अनुमति मिलने के बाद निगम स्थानीय प्रशासन से ड्रोन उड़ाने की अनुमति लेने की तैयारी में है।

शहरी विकास निदेशालय ने हल्द्वानी समेत प्रदेश के चार निकायों का डिजिटल मैप बनाने को कहा है। इसके लिए प्रदेश स्तर से ही फर्म का चयन किया गया है। फर्म ने हल्द्वानी नगर निगम के सभी 60 वार्डों की सेटेलाइट इमेज जुटा ली हैं। अब इसके ड्रोन से सर्वे की तैयारी है। डिजिटल मैप तैयार होने के बाद भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मैदान, स्कूल, खाली प्लाट, कॉलेज, पार्क, सड़क, नाले जैसी सभी प्रॉपर्टी वेब पोर्टल पर दर्ज हो जाएंगी। शहर का डिजिटल मैप तैयार होनेे के बाद निगम आपत्तियां सुनेगा। जिसे निस्तारित करने के बाद अंतिम रूप से पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। डिजिटल मैप तैयार होने के बाद टैक्स की गणना, सत्यापन, निगरानी आदि आसान हो जाएगी।

यह होता है प्रॉपर्टी टैक्स

कोई जमींदार या किसी संपत्ति का मालिक जब अपने क्षेत्र में स्थानीय सरकार या नगर निगम को अपनी संपत्ति के बदले कुछ वार्षिक रकम देता है, तो उस राशि को संपत्ति कर कहा जाता है। घर, कार्यालय की इमारत या भाड़े पर दी जाने वाली वास्तविक रियल एस्टेट की संपत्ति इसके दायरे में आती है।

ये ब्योरा जुटाया जाएगा

प्रत्येक संपत्ति की यूनिक आइडी कर निर्धारण सूची की सभी सूचनाएं संपत्ति का विद्युत व जल संयोजन नंबर संपत्ति का सीवरेज संयोजन नंबर स्टाम्प व रजिस्ट्रेशन विभाग का संपत्ति अंतरण नंबर राजस्व अभिलेख के अनुसार खसरा संख्या

अगस्त से शुरू होगा ड्रोन से सर्वे

नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया ने बताया कि डिजिटल मैप का ड्रोन से सर्वे अगस्त से शुरू हो जाएगा। आपत्तियां सुनने के बाद इसे अंतिम रूप से लागू किया जाएगा। इससे टैक्स की निगरानी में आसानी होगी।

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