यूपीएससी में चमके कुमाऊं के पांच प्रतियोगी, वरुणा ने 38वां रैंक हासिल कर पूरे देश में बढ़ाया मान

नैनीताल की आइपीएस अधिकारी शैलजा पांडे को 61वीं रामनगर के देवांश पांडे ने 201वीं बागेश्वर के कांडा तहसील के भतोड़ा गांव निवासी सिद्धार्थ धपोला को 293वीं तो रानीखेत के जनौली गांव निवासी 23 वर्षीय तुषार मेहरा ने पहले ही प्रयास में 306वीं रैंक हासिल की है।

Prashant MishraSat, 25 Sep 2021 07:45 AM (IST)
शुक्रवार को जारी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 परिणाम में कुमाऊं की पांच मेधाओं का चयन हुआ है।

जागरण टीम, हल्द्वानी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से शुक्रवार को जारी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 परिणाम में कुमाऊं की पांच मेधाओं का चयन हुआ है। इनमें ऊधमसिंह नगर की वरुणा अग्रवाल ने तीसरे प्रयास में शानदार 38वीं रैंक हासिल की है। नैनीताल की आइपीएस अधिकारी शैलजा पांडे को 61वीं, रामनगर के देवांश पांडे ने 201वीं, बागेश्वर के कांडा तहसील के भतोड़ा गांव निवासी सिद्धार्थ धपोला को 293वीं तो रानीखेत के जनौली गांव निवासी 23 वर्षीय तुषार मेहरा ने पहले ही प्रयास में 306वीं रैंक हासिल की है।  

वरुणा ने जागरण से बातचीत में बताया कि शिक्षा व महिला सशक्तीकरण उनकी प्राथमिकता होगी। सेवन नैनीताल रोड रुद्रपुर निवासी वरुणा ने हाईस्कूल की पढ़ाई के समय ही आइएएस बनने की ठान ली थी। इसके लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया। शुक्रवार को उनकी मेहनत रंग लाई। उम्मीद के अनुरूप 38वीं रैंक भी हांसिल हो गई।  

वहीं, नैनीताल निवासी आइपीएस अफसर शैलजा मूलरूप से गरमपानी के मझेड़ा प्रेमपुर की रहने वाली हैं। उनकी माता डा. सुधा पांडे जिला अस्पताल बीडी पांडे में चिकित्सक हैं। पिता दीप पांडे ऊर्जा निगम में मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शैलजा बचपन से मेधावी रहीं। अभी वह हैदराबाद में आइपीएस की ट्रेनिंग ले रही हैं।  

बागेश्वर के कांडा तहसील के भतोड़ा गांव निवासी सिद्धार्थ धपोला ने तीसरे प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण की। लेकिन इस बार भी वह बेहतर रैंक हासिल नहीं कर सके। 2018 में उन्होंने परीक्षा 255वीं रैंक के साथ क्वालीफाई की थी। उन्हें तब आइआरएस मिला। फिर 2019 की परीक्षा में उनकी रैंक में सुधार हुआ है। उनकी रैंक 163वीं रही। उन्हें आइपीएस मिला। लेकिन उनका सपना आईएएस बनने का था। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान तैयारी करना नहीं छोड़ा। लेकिन इस बार उनकी रैंक 293 रही। अल्मोड़ा के रानीखेत के जनौली गांव निवासी तुषार मेहरा ने पहले ही प्रयास में महज 23 वर्ष में ही परीक्षा पास कर ली। तुषार का परिवार अभी न्यू आवास विकास हल्द्वानी में रह रहा है।

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