बागेश्वर में भूस्खलन से बिजली के पोल ढहे, बोहाला और डोबा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप

रविवार को सुबह से रुक-रुक कर बारिश हुई। बोहला और कौसानी क्षेत्र में भूस्खलन होने से पोल ढह गए हैं। जबकि डोबा-घारी-गिरेछीना में 11 हजार वोल्ट की मुख्य बिजली लाइनके ऊपर चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया है। जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।

Prashant MishraSun, 20 Jun 2021 05:54 PM (IST)
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे ने बताया कि मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिले में बारिश से भूस्खलन का सिलसिला भी तेज हो गया है। बोहला और कौसानी क्षेत्र में भूस्खलन होने से पोल ढह गए हैं। जबकि डोबा-घारी-गिरेछीना में 11 हजार वोल्ट की मुख्य बिजली लाइनके ऊपर चीड़ का विशालकाय पेड़ गिर गया है। जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।

रविवार को सुबह से रुक-रुक कर बारिश हुई। दोपहर बाद फिर मौसम ने करवट बदली और झमाझम बारिश होने लगी। जिससे काफलीगैर तहसील के बोहाला और करासीबूंगा क्षेत्र में भूस्खलन हो गया। जबकि कौसानी में भी भूस्खलन के कारण पोल ढह गए हैं। वहीं, डोबा-घारी-गिरेछीना से आ रही 11 हजार बोल्ट की मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने से तार और पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिससे बोहाला, करासीबूंगा क्षेत्र के अलावा कौसानी, डोबा, धारी, सिमी-नरगोल, गिरेछीना, बिजोरी आदि गांवों की बिजली बाधित हो गई है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता भास्कर पांडे ने बताया कि मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

वन विभाग ने खड़े किए हाथ, दमकल विभाग ने जताई असमर्थता शनिवार की रात लोहाघाट-बाराकोट मार्ग में गलचौड़ा के पास गिरे देवदार के पेड़ को हटाने में वन विभान ने मजदूर न होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए तो दमकल विभाग ने गोलाई काफी अधिक होने से जरूरी उपकरण न होने का हवाला देते हुए पेड़ हटाने में असमर्थता जता दी। वन विभाग के रेंजर दीप जोशी ने बताया कि विभाग के पास मजदूर नहीं हैं। वन निगम को इसकी जानकारी दे दी गई है। इधर पेड़ न हटने से दोपहर दो बजे तक मार्ग में वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई थी।

जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर ने बताया कि मानसून काल में आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने और मोबाइल किसी भी दशा में बंद न रखने को कहा गया है। सड़कों के बंद होने, आवासीय मकानों के क्षतिग्रस्त होने, बाढ़ की दशा में या फिर जनहानि होने की सूचना पर तत्काल बचाव व राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश हैं। कंट्रोल रूम में मिलने वाली सूचना का गंभीरता से संज्ञान लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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