राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : आर्थिक व सामाजिक वर्गीकरण पर आधारित विद्यार्थियों की बनेगी ई-प्रोफाइल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्र-छात्राओं का डेटा जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के माध्यम से पारिवारिक ब्योरा जुटाने के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके लिए प्रारूप तय किया है।

Skand ShuklaMon, 06 Dec 2021 08:00 AM (IST)
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : आर्थिक व सामाजिक वर्गीकरण पर आधारित विद्यार्थियों की बनेगी ई-प्रोफाइल

गणेश पांडे, हल्द्वानी : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्र-छात्राओं का डेटा जुटाने की तैयारी शुरू हो गई है। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के माध्यम से पारिवारिक ब्योरा जुटाने के लिए समय सीमा तय कर दी है। इसके लिए प्रारूप तय किया है। विभाग की ओर से जारी यूजर आइडी के माध्यम से विद्यालयों को 31 दिसंबर से पहले एजुकेशन पोर्टल पर पूरी जानकारी दर्ज करानी होगी।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि आनलाइन ई-प्रोफाइल विकसित करने में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। निर्धारित प्रारूप के तहत अनिवार्य रूप से सभी बिंदुओं में जानकारी देनी होगी। स्कूलों की ओर हर वर्ष इस जानकारी को अपडेट किया जाएगा। प्राथमिक व जूनियर स्तर पर संयुक्त संसाधन केंद्र व माध्यमिक स्तर पर स्कूल स्तर से डेटाबेस तैयार होगा।

विभागीय कवायद के बाद स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का संपूर्ण ब्योरा एक क्लिक पर स्क्रीन के सामने होगा। डेटाबेस के माध्यम से नीतियां बनाने व योजनाओं को क्रियान्वित कराने में आसानी होगी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों की ई-प्रोफाइल तैयार होनी है। इसके लिए प्रारूप निर्धारित है। इससे विभाग के पास एक डेटाबेस तैयार होगा।

चार श्रेणी में 15 बिंदुओं की जानकारी

स्कूलों को 15 बिंदुओं पर जानकारी जुटानी है। व्यक्तिगत में बच्चे, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल व आधार नंबर, परिवार की धर्म व जाति, राशन कार्ड का क्रमांक, बीपीएल, एपीएल व अंत्योदय की श्रेणी, परिवार की वार्षिक आय, ब्लड ग्रुप, बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है या नहीं आदि ब्योरा देना होगा। स्कूल विवरण में बच्चे का क्रमांक, प्रवेश की तिथि, कक्षा, आरटीई में प्रवेश है या नहीं, मुफ्त शिक्षा हां या नहीं में जवाब देना होगा। बैंक ब्योरे में खाता संख्या, बैंक का नाम, आइएफएस कोड देना है। इसके अलावा पिन कोड के साथ पूरा पता दर्ज कराना होगा।

प्रदेश में सरकारी स्कूल

12816 प्राथमिक विद्यालय हैं उत्तराखंड में

3908 है उच्च प्राथमिक स्कूलों की संख्या

2331 इंटर कालेज हैं प्रदेश में संचालित

55227 शिक्षक सभी स्कूलों में कार्यरत

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