कोरोना के कारण कॉलेजों के बजाय मुख्यालय से ऑनलाइन पढ़ाएंगे प्राध्यापक

उच्च शिक्षा निदेशक डा. कुमकुम रौतेला ने शुक्रवार को आदेश जारी किया है। जिसमें प्राचार्यों से कहा गया है कि सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों को शिक्षण कार्य कॉलेज के स्थान पर मुख्यालय से संपादित करना होगा।

Prashant MishraSat, 24 Apr 2021 08:40 AM (IST)
सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों के भौतिक संचालन पर रोक लगी है।

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : डिग्री कॉलेजों में प्राध्यापकों की उपस्थिति को लेकर उत्पन्न हुई असमंजस की स्थिति आखिरकार खत्म हो गई है। सभी प्राध्यापक अब कॉलेज न आकर मुख्यालय से ही ऑनलाइन अध्यापन कार्य करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डा. कुमकुम रौतेला ने आदेश जारी कर सभी प्राध्यापकों से मुख्यालय में ही बने रहने को कहा है।

उच्च शिक्षा निदेशालय के तहत राज्य में 105 सरकारी डिग्री कॉलेज संचालित होते हैं। वहीं, हरिद्वार और देहरादून में 19 अशासकीय कॉलेज हैं। बीते दिनों शासन ने आदेश जारी कर सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों के भौतिक संचालन पर रोक लगा दी थी। कहा था कि इनमें पढऩे वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई ऑनलाइन कराई जाए मगर, प्राध्यापकों के कॉलेज आने को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वहीं, उच्च शिक्षा निदेशालय स्तर से भी इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हो सका था। बहरहाल, शासन स्तर से जारी आदेश को आधार बनाते हुए उच्च शिक्षा निदेशक डा. कुमकुम रौतेला ने शुक्रवार को आदेश जारी किया है। जिसमें प्राचार्यों से कहा गया है कि सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों को शिक्षण कार्य कॉलेज के स्थान पर मुख्यालय से संपादित करना होगा।

इधर, एमबीपीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डा. बीआर पंत ने बताया कि आदेश प्राप्त हो चुका है। सभी प्राध्यापकों से मुख्यालय से ही ऑनलाइन अध्ययन कार्य कराने को कहा गया है। विभागाध्यक्षों से ऑनलाइन अध्ययन और अध्यापक कार्य की नियमित मॉनीटरिंग करने को भी कहा गया है।

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