नैनीताल में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का अब देना होगा शुल्क, एक करोड़ होगी पाल‍िका की आय

शहरवासियों को अब पालिका द्वारा किये जा रहे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुल्क अदा करना होगा। पालिका ने इसको लेकर कार्ययोजना तैयार कर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करा लिया है। जल्द इसको लेकर लोगों से आपत्तियां मांगी जाएगी।

Skand ShuklaSun, 05 Dec 2021 07:19 PM (IST)
नैनीताल में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का अब देना होगा शुल्क, एक करोड़ होगी पाल‍िका की आय

नरेश कुमार, नैनीताल : शहरवासियों को अब पालिका द्वारा किये जा रहे डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुल्क अदा करना होगा। पालिका ने इसको लेकर कार्ययोजना तैयार कर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करा लिया है। जल्द इसको लेकर लोगों से आपत्तियां मांगी जाएगी। जिसके बाद गजट नोटिफिकेशन कर इसे लागू कर दिया जाएगा। पालिका की आय बढ़ोत्तरी के लिए इसे अहम कदम माना जा रहा है। जिससे पालिका को वर्ष में करीब एक करोड़ की आमदनी होगी।

बता दें कि पालिका द्वारा शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन अभियान चलाया जा रहा है। 2013 में पालिका ने इससे शुल्क वसूली को लेकर उपविधि बनाई। जिसके तहत होटलों से 300 और घरों से 10 रुपये और अधिकतम 25 रुपये प्रतिमाह शुल्क वसूली का प्रावधान था। मगर घरों और होटलो से निकलने वाले कूड़े की अपेक्षा यह शुल्क बेहद कम था। जिससे पालिका को कोई खास आमदनी भी नहीं होती थी।

दो वर्ष पूर्व पालिका द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का टेंडर निजी संस्था को देने के बाद शुल्क वसूली बंद कर दी गई। मगर अब पालिका ने सरकार की ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली 2016 के तहत मिली शक्तियों के आधार पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुल्क लागू करने का मन बना लिया है। जिसके लिए उपविधि तैयार कर प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। ईओ अशोक वर्मा ने बताया कि कुछ ही दिनों में विज्ञापन प्रकाशित कर इसमें लोगों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। जिसके बाद गजट नोटिफिकेशन कर इसे लागू कर दिया जाएगा।

करीब एक करोड़ होगी आमदनी

डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में शुल्क निर्धारित होने से यह पालिका की आय बढ़ोतरी का भी साधन बनेगी। वर्तमान में शहर से रोजाना 18-20 टन कूड़ा एकत्रित किया जाता है। जिसे वाहनों से हल्द्वानी भेजा जाता है। जिसमें पालिका को हर माह तीन से पांच लाख तक खर्च करना पड़ता है। कूड़ा कलेक्शन में शुल्क लागू होने से पालिका आसानी से इस खर्च को वहन कर पायेगी। नगर सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि उपविधि में शुल्क को हर भवन और प्रतिष्ठान से निकलने वाले कूड़े की मात्रा के आधार पर श्रेणीबद्ध किया गया है। जिसमें आवास, सरकारी कार्यालय, स्कूल, बारातघर, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, दुकान समेत हर भवन को शामिल किया गया है। कूड़े की मात्रा के आधार पर ही शुल्क वसूली की जाएगी। जिससे पालिका को वर्ष में करीब एक करोड़ की आमदनी होगी।

यह रहेगी शुल्क की दर

- पांच हजार मासिक आय वाले घरों से- 10 रुपये प्रतिमाह

- पांच से दस हजार आय वाले- 60 रुपये प्रतिमाह

- दस हजार से अधिक आय वाले - 100 रुपये प्रतिमाह

- मांस व मछली विक्रेता- 200 रुपये प्रतिमाह

- छोटे रेस्टोरेंट- 300 प्रतिमाह

- मध्यम रेस्टोरेंट- 800 प्रतिमाह

- बड़े रेस्टोरेंट- दो हजार प्रतिमाह

- होटल, लॉज, गेस्टहाउस दस बैड - दो हजार

- 20 बैड से अधिक पर- 300 रुपये प्रति बैड

- 30 से अधिक पर- 500 प्रति बैड

- धर्मशाला- पांच रुपये प्रति कमरा

- बरातघर- दो हजार प्रति उत्सव

- कार्यालय 59 कर्मियों तक- 200 प्रतिमाह

- 100 तक- 400 प्रतिमाह

- 300 तक- पांच हजार प्रतिमाह

- इससे अधिक वाले- दस हजार प्रतिमाह

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