कोरोना किट बांटने को वार्डों में बनेंगे वितरण केंद्र, प्रशासन और नगर निगम ने शुरू की तैयारियां

तीन से पांच हजार की जनसंख्या के बीच एक वितरण केंद्र बनाया जाएगा।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने बताया कि वार्डों की जनसंख्या के हिसाब से वितरण केंद्र बनाए जाएंगे। तीन से पांच हजार की जनसंख्या के बीच एक वितरण केंद्र बनाया जाएगा। डा. कांडपाल ने बताया कि वितरण केंद्रों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।

Prashant MishraWed, 12 May 2021 05:37 PM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : खांसी, बुखार जैसे कोरोना के संदिग्ध लक्षण वालों को जल्द ही कोरोना दवा की किट दी जाएगी। नगर निगम इसके लिए अलग-अलग वार्डों में करीब 18 से 19 वितरण केंद्र बनाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में हो रही देरी के चलते कई बार लक्षण वाले मरीज अस्पतालों में भर्ती नहीं हो पाते हैं। इसके लिए उन्हें रिपोर्ट पॉजीटिव आने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में हालत बिगडऩे का डर बना रहता है। पूर्व में सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए थे कि वह जांच केंद्रों में आने वाले लक्षण वाले मरीजों को कोरोना किट उपलब्ध कराए। हालांकि, ये योजना अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है।

इधर, अब यह निर्णय लिया गया है कि संदिग्ध लक्षण वालों को कोरोना किट घर के पास ही मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए प्रशासन स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। नगर निगम को वितरण केंद्र निर्धारित करने को कहा गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल ने बताया कि वार्डों की जनसंख्या के हिसाब से वितरण केंद्र बनाए जाएंगे। तीन से पांच हजार की जनसंख्या के बीच एक वितरण केंद्र बनाया जाएगा। डा. कांडपाल ने बताया कि वितरण केंद्रों की सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी।

15 दिन में नालियों की कराएं सफाई

नगर निगम में मंगलवार को मेयर डा. जोगेंद्र रौतेला की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें उन्होंने 15 दिन के भीतर शहर की सभी छोटी नालियां साफ करवाने के निर्देश दिए। साथ ही सात दिन के भीतर शहर के सभी पुराने वार्डों में डेंगू रोकथाम के लिए लारवासिड का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। बैठक में नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल, सफाई निरीक्षक अमोल असवाल आदि मौजूद रहे।

ठेकेदार की लापरवाही आई सामने

नगर निगम ने बरसात से पहले शहर के नालों को साफ कराने का जिम्मा एक ठेकेदार को सौंपा था। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने नालों की सफाई को लेकर हुई कवायद की पोल खोल दी। नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज कांडपाल को मामले की जांच सौंपी थी। मंगलवार को डॉ. कांडपाल ने जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें ठेकेदार की लापरवाही का मामला सामने आया है। नगर आयुक्त मर्तोलिया ने बताया कि ठेकेदार को नालों की सफाई का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.