NHM के तहत भर्ती कार्मिकों की स्पष्ट सेवानियमावली लागू न होने से असंतोष

शासन से सकारात्मक संकेत न मिलने से इन फ्रंटलाइन कोरोना योद्धाओं में असंतोष भड़कने लगा है। अब तक बांहों पर काली पट्टी बांध मानवसेवा में डटे संविदा कार्मिकों ने प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार से चरणबद्ध होम आइसोलेशन पर जाने का ऐलान किया है।

Prashant MishraMon, 31 May 2021 05:49 PM (IST)
इससे जिले के संबंधित क्षेत्रों में टीकाकरण व टेस्टिंग अभियान प्रभावित होने की संभावना है।

जागरण टीम, अल्मोड़ा/ रानीखेत/द्वाराहाट : सरकार की उपेक्षा से आहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा चिकित्सक व कार्मिकों के सब्र का बांध अब टूटने को है। स्पष्ट सेवा नियमावली की लगातार मांग उठाने के बावजूद शासन से सकारात्मक संकेत न मिलने से इन फ्रंटलाइन कोरोना योद्धाओं में असंतोष भड़कने लगा है। अब तक बांहों पर काली पट्टी बांध मानवसेवा में डटे संविदा कार्मिकों ने प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार से चरणबद्ध होम आइसोलेशन पर जाने का ऐलान किया है। इससे जिले के संबंधित क्षेत्रों में टीकाकरण व टेस्टिंग अभियान प्रभावित होने की संभावना है।

कोरोनाकाल में बगैर अवकाश दिनरात मोर्चे पर डटे अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा एनएचएम कार्मिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब तक स्पष्ट सेवा नियमावली लागू न होने से नाराज संविदा कर्मी कुछ दिनों से नियमितिकरण की मांग पर अड़े हैं। हालांकि कार्मिक कोविड-19 की ड्यूटी बखूबी निभा रहे।

एनएचएम संविदा कार्मिक संगठन की जिलाध्यक्ष डा. शिखा जोशी ने दोहराया कि कोरोनाकाल में कार्मिक अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटेंगे। मगर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के संवर्गीय ढांचे में अरसे से खाली पदों पर मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों की नियमित भर्ती के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने नियमित कर्मियों की तरर वेतन तथा 60 वर्ष तक विभाग में बनाए रखने की नियमावली लागू किए जाने की भी मांग उठाई।

जारी की जाय। 

द्वाराहाट में कार्मिक आज से आइसोलेशन पर

एनएचएम से संबद्ध चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मंगलवार से दो दिन के लिए होम आइसोलेशन पर रहेंगे। उनके कार्य स्थल पर न पहुंचने से कोरोना टीकाकरण, टेस्टिंग आदि कार्य संपादित न होने से लोगों को फजीहत झेलनी पड़ सकती है। एनएचएम कर्मचारी संगठन ने 29 मई से काला फीता बांध विरोध दर्ज करवाया था। मगर संविदा चिकित्साधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम, बीपीएम, बीएलए, डीईओ, आशा कॉर्डिनेटर व फेसिलेटर आदि ने मुस्तैदी के साथ सभी कार्य किए। मामले में संगठन के ब्लाक अध्यक्ष बीरेंद्र नेगी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सभी कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों का उपचार किया।

अभी भी टीकाकरण, जांच आदि कार्य किए जा रहे हैं। लेकिन सरकारें उनकी सुध लेने को तैयार नहीं। इसी के चलते मंगलवार से दो दिवसीय होम आइसोलेशन पर रहने को उन्हें बाध्य होना पड़ रहा है। कहा कि न्यायोचित मांगों को पूरा नहीं किए जाने अथवा प्रांतीय नेतृत्व के आदेशों तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर उपाध्यक्ष सीएस भट्ट, डा. कल्पना जोशी, गजेंद्र बिष्ट, चंदन नेगी, जगदीश गिरी, मीनाक्षी भट्ट, अजय तिवारी, तारा चंद्र, योगेश भट्ट आदि मौजूद रहे।

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