चुनावी साल में कर्मचारियों की नाराजगी ने बढ़ाई सरकार की टेंशन

चुनावी साल में तमाम कर्मचारियों की समन्वय समिति के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। वेतनमान पदोन्नति के साथ पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर सोमवार से कर्मचारियों का आंदोलन शुरू हो रहा है।

Skand ShuklaMon, 27 Sep 2021 10:32 AM (IST)
चुनावी साल में कर्मचारियों की नाराजगी ने बढ़ाई सरकार की टेंशन

नैनीताल, जागरण संवाददाता : चुनावी साल में तमाम कर्मचारियों की समन्वय समिति के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। वेतनमान, पदोन्नति के साथ पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर सोमवार से कर्मचारियों का आंदोलन शुरू हो रहा है। उत्तरांचल अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के मुख्य संयोजक भगोत सिंह जंतवाल के अनुसार कर्मचारी लंबे समय से मांगों को लेकर सरकार व अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं मगर आश्वासन के शिवा कुछ नहीं मिला। समिति की निम्नलिखित मांगें हैं।

प्रदेश के समस्त राज्य कार्मिकों/शिक्षकों, निगम, निकाय व पुलिस कार्मिकों को पूर्व की भाँति 10, 16 व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान दिया जाय राज्य कार्मिकों हेतु निर्धारित गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करते हुए केन्द्रीय कर्मचारियों की तरह सीजीएचएस व्यवस्था प्रदेश में लागू की जाय । प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर उच्च कोटि के समस्त अस्पतालों को अधिकृत किया जाय तथा सेवानिवृत्त कार्मिकों से निर्धारित धनराशि 50 प्रतिशत कटौती कम की जाय। पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि में पूर्व की तरह शिथिलीकरण की व्यवस्था बहाल की जाय। केन्द्र सरकार की तरह कार्मिकों हेतु 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते की घोषणा शीघ्र की जाय। प्रदेश में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाय। मिनिस्ट्रिीरियल संवर्ग में कनिष्ठ सहायक के पद की शैक्षिक योग्यता इण्टरमीडिएट के स्थान पर स्नातक की जाय तथा एक वर्षीय कम्प्यूटर ज्ञान अनिवार्य किया जाय वैयक्तिक सहायक संवर्ग में पदोन्नति के सोपान बढ़ाते हुए स्टाफिंग पैर्टन के अन्तर्गत ग्रेड वेतन 4800 रुपये में वरिष्ठ वैयक्तिक अधिकारी का पद सृजित किया जाय। राजकीय वाहन चालकों को ग्रेड वेतन 2400.00 इग्नोर करते हुए स्टाफिंग पैन के अन्तर्गत वेतन 4800.00 तक अनुमन्य किया जाय। चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को भी वाहन चालकों की भांति स्टाफिंग पैर्टन लागू करते हुए ग्रेड वेतन 4200 रुपये तक अनुमन्य किया जाय। समस्त अभियन्त्रण विभागों में कनिष्ठ अभियन्ता संगणक के सेवा प्राविधान एक समान करते हुए इस विसंगति को दूर किया जाय सिंचाई विभाग को गैर तकनीकी विभागों (शहरी विकास विभाग, पयर्टन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि) के निर्माण कार्य हेतु कार्यदायी संस्था के रूप में स्थायी रूप से अधिकृत कर दिया जाय। पदोन्नति हेतु निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सभी लेवल के कार्मिकों के लिए 10 वर्ष के स्थान पर पांच वर्ष की चरित्र पंजिका देखने तथा अतिउत्तम के स्थान पर उत्तम की प्रविष्टि को ही आधार मानकर संशोधित आदेश शीघ्र जारी किया जाय। जिन विभागों का पुर्नगठन अभी तक शासन स्तर पर लम्बित है , उन विभागों का शीघ्र पुनर्गठन किया जाय। 31 दिसम्बर तथा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को 6 माह की अवधि पूर्ण मानते हुए एक वेतन वृद्धि अनुमन्य कर सेवानिवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाय। स्थानान्तरण अधिनियम 2017 में उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण किया जाय। राज्य कार्मिकों की तरह निगम कार्मिकों को भी समान रूप से समस्त लाभ प्रदान किये जाय तदर्थ रूप से नियुक्त कार्मिकों की विनियमितिकरण से पूर्व तदर्थ रूप से नियुक्ति की तिथि से सेवाओं को जोड़ते हुए वेतन, सैलेक्शन ग्रेड एसीपी, पेंशन आदि समस्त लाभ प्रदान किया जाय। समन्वय समिति से सम्बद्ध समस्त परिसंघों के साथ पूर्व में शासन स्तर पर हुई बैठकों में किये गए समझौते, निर्णयों के अनुरूप शीघ्र शासनादेश जारी कराया जाय।

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