बिजली नहीं होने से डिजिटल एक्सरे मशीन बने शोपीस, मरीजों को हो रही परेशानी

जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे आदि भी प्रभावित हो गए हैं। शनिवार को विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं होने से लगभग 30 मरीजों को बिजली आने का लंबा इंतजार करना पड़ा। 11 बजने के बाद कोरोना कर्फ्यू और फिर दो बजे बाद अस्पताल बंद होने से मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।

Prashant MishraSat, 12 Jun 2021 05:45 PM (IST)
मशीनों को संचालित करने के लिए जनरेटर की आवश्यता है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिला अस्पताल की विद्युत व्यवस्था चरमराने लगी है। जिसके कारण डिजिटल एक्सरे व्यवस्था भी पटरी से उतरने लगी है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आ रहे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अलबत्ता अस्पताल की सुविधाओं को लेकर लोग सवाल खड़े करने लगे हैं।

बारिश के कारण इसबीच नगर की विद्युत व्यवस्था अक्सर चरमाने लगी है। जिसके कारण जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे आदि भी प्रभावित हो गए हैं। शनिवार को विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं होने से लगभग 30 मरीजों को बिजली आने का लंबा इंतजार करना पड़ा। 11 बजने के बाद कोरोना कर्फ्यू और फिर दो बजे बाद जिला अस्पताल बंद होने से कई मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। जिला अस्पताल आए प्रमोद सिंह, मोहन सिंह, कमला देवी, पार्वती देवी आदि ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण वह अस्पताल रोज-रोज नहीं आ सकते हैं। लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव है। जिला अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 2019 में अस्पताल के लिए अलग ट्रांसफार्मर लगाया गया। बिजली नहीं होने के कारण डिजिटल एक्सरे मशीनें संचालित नहीं होती हैं। मशीनों को संचालित करने के लिए जनरेटर की आवश्यता है।

डिजिटल जनरेटर नहीं उठता लोड

जिला अस्पताल की बिजली व्यस्था सुदृढ़ करने के लिए 2017 दो करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल जनरेटर मशीन खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन समिति ने दो लाख रुपये की व्यवस्था की और एक अलग ट्रांसफार्मर लगाया गया। लेकिन बिजली नहीं होने पर अस्पताल की विद्युत व्यवस्था चरमरा जाती है।

सीएमएस, जिला अस्पताल डा. एलएस बृजवाल का कहना है कि बिजली की आपूर्ति सुचारू नहीं होने से डिजिटल एक्सरे व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डिजिटल जनरेटर का बैकअप नहीं होने से वह लोड नहीं उठाता है। शनिवार को लगभग 250 ओपीडी हुई और 30 लोगों के एक्सरे कराए गए। अल्ट्रासाउंड के लिए सोमवार, बुधवार और गुरुवार को समय रखा गया है। प्रतिदिनि लगभग 40 लोगों के अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं।

 

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