डीआइजी ने कुमाऊं के 361 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों का किया तबादला

कुमाऊं के 361 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों के लिए खुशखबरी है। डीआइजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने नए शिक्षा सत्र तक इन पुलिस कर्मियों को राहत देते हुए तबादले निरस्त कर दिए हैं। जबकि 93 एसआइ और इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से नए कार्यक्षेत्र में भेज दिया गया है।

Skand ShuklaMon, 20 Sep 2021 07:05 AM (IST)
डीआइजी ने कुमाऊं के 361 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों का किया तबादला

दीप चंद्र बेलवाल, हल्द्वानी : कुमाऊं के 361 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों के लिए खुशखबरी है। डीआइजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे ने नए शिक्षा सत्र तक इन पुलिस कर्मियों को राहत देते हुए तबादले निरस्त कर दिए हैं। जबकि 93 एसआइ और इंस्पेक्टरों को तत्काल प्रभाव से नए कार्यक्षेत्र में भेज दिया गया है। तबादला रुकने से पुलिस कर्मियों में हर्ष है।

पुलिस नियमावली के अनुसार एक कांस्टेबल तराई में 16 साल और पहाड़ में आठ साल तक अपनी सेवा दे सकता है। इसी तरह इंस्पेक्टर और दारोगा तराई में आठ साल और पर्वतीय थाना, चौकी में चार साल तक अपनी सेवाएं दे सकते हैं। पुलिस नियमावली को दरकिनार कर कई इंस्पेक्टर, दारोगा व कांस्टेबल एक ही जिले में पिछले कई सालों से जमे हुए थे। नेताओं, मंत्रियों के चहेते कई दारोगा 12 साल से तराई में ही नौकरी कर रहे हैं। पूर्व में डीजीपी अशोक कुमार ने तबादला आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन कोविड संक्रमण के चलते तबादलेे रोक दिए गए। हाल में फिर से डीजीपी ने नए कार्यक्षेत्र में जाने के आदेश कर दिए थे। मसलन पहाड़ जाने के लिए पुलिस कर्मी तैनात नहीं थे।

एक दिन पहले डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे ने सख्त निर्देश दिए थे कि सभी पुलिस कर्मी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर रविवार को पांच बजे तक आमद करा लें। इससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया था। सभी पुलिस कर्मी नए कार्यक्षेत्र में पहुंच गए हैं। इधर, देर शाम डीआइजी ने कुमाऊं के 361 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों को राहत देते हुए तबादले निरस्त कर दिए हैं।

तबादले निरस्त की ये है वजह

कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों के तबादले निरस्त होने के पीछे पारिवारिक कारण हैं। अधिकांश कांस्टेबलों की ओर से डीआइजी को बताया गया था कि उनके बच्चे छोटे हैं। उनके साथ इतनी जल्दी पहाड़ जाना या पहाड़ से तराई में आना संभव नहीं है। वहीं, कई बच्चों के स्कूलों में आधी से अधिक कक्षाएं हो गई हैं। सभी मामलों को ध्यान में रखकर डीआइजी ने कांस्टेबल व हेड कांस्टेबलों के तबादले निरस्त कर दिए।

सेटिंग भी नहीं आई काम

तबादले के पूर्व में आदेश होने के बाद कई दरोगा और इंस्पेक्टरों ने सेटिंग शुरू कर दी थी। अधिकारियों के साथ ही नेताओं से मिलकर तबादला रुकवाने का दबाव बनाया जा रहा था। डीआइजी ने उन सभी पुलिस कर्मियों को इधर से उधर भेज दिया जो लिस्ट में शामिल थे। डीआइजी डा. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि कुमाऊं के 83 एसआइ व 12 इंस्पेक्टर अपने-अपने कार्यक्षेत्र के लिए रवाना हो गए हैं। कर्मचारियों को राहत दी गई है। कर्मचारियों में अधिकांश महिलाएं थीं। उनकी समस्या के कारण कांस्टेबल व हेड कांस्टेबलों के तबादले निरस्त कर दिए हैं।

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