जेनरेटर के अभाव में चम्पावत में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने में आ रही दिकक्कत

विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था कम होने से ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के सुचारू रूप से संचालित होने में दिक्कत हो रही है। वहीं अस्पताल की विद्युत वायरिंग पर लोड बढऩे के साथ शॉट सर्किट की समस्याएं भी आम हो गई है।

Prashant MishraWed, 02 Jun 2021 09:40 PM (IST)
स्वास्थ्य विभाग ने उर्जा निगम से अस्पताल के लिए 75 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, चम्पावत : जिला अस्पताल में जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ रही है वैसे-वैसे अस्पताल में विद्युत खपत बढ़ गई है। नतीजा यह है कि विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था कम होने से ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के सुचारू रूप से संचालित होने में दिक्कत हो रही है। वहीं अस्पताल की विद्युत वायरिंग पर लोड बढऩे के साथ शॉट सर्किट की समस्याएं भी आम हो गई है। इसको देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अधिक क्षमता का विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने की कवायद शुरू कर दी। साथ ही नया ट्रांसफार्मर व विद्युत वायरिंग के लिए जिला योजना से करीब 35 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।

अस्पताल में आधुनिक मशीनों की स्थापना के बाद विद्युत की खपत भी बढ़ गई है। अस्पताल के पास अभी महज 63 केवि का ट्रांसफार्मर है। हाल ही में 25 केवी का आईसीयू लगने के बाद अब 45 केवी का आक्सीजन जनरेशन प्लांट भी लग चुका है। हालांकि अस्पताल के पास 25 केवि का एक जनरेटर मौजूद है। ब्लड बैंक में भी 15 केवि का जनरेटर लगा हुआ है। इसके बाद भीएक साथ सभी मशीनें काम करनी शुरू कर दें तो बिजली की कमी पड़ जाएगी। सबसे अधिक नुकसान आक्सीजन प्लांट को होगा। आक्सीजन जनरेट करने के लिए लगातार बिजली की जरूरत पड़ती है।

वर्तमान में नियमित आपूर्ति न होने से आक्सीजन जनरेशन करना संभव नहीं दिख रहा है। आक्सीजन जनरेशन करने और अन्य उपकरणों के संचालन में बिजली की कमी बाधा न बने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने उर्जा निगम से अस्पताल के लिए 75 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। वहीं डीएम विनीत तोमर के निर्देश पर अस्पताल के लिए 82 केवी का जनरेटर खरीद के लिए जिला योजना में 15 लाख रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही अस्पताल की पूरी वायर चेंज करने के लिए जिला योजना में ही 20 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

पीएमएमस डॉ आरके जोशी का कहना है कि अस्पताल में आधुनिक मशीनों के लगने के साथ आइसीयू व ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगने से विद्युत खपत बढ़ गई है। विद्युत वायरिंग भी बहुत पुरानी हो गई है। जो लोड नहीं उठा पा रही है। वैकल्पिक विद्युत आपूर्ति व वायरिंग के लिए जिला योजना से करीब 35 लाख रुपये मिले हैं। वहीं ऊर्जा निगम को भी विद्युत ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है।

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