अब कॉर्बेट टागर रिजर्व से सटे फाटो जोन में भी कर सकेंगे डे सफारी

पर्यटकों का दबाव अब कार्बेट पार्क में कम हो जाएगा। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो के जंगल में पहली बार डे सफारी शुरू करने को हरी झंडी मिल चुकी है। अकटूबर से फाटो में पर्यटक जिप्सी सफारी का आनंद ले सकेंगे। वन विभाग पर्यटन की रूपरेखा बना रहा है।

Skand ShuklaFri, 11 Jun 2021 01:19 PM (IST)
अब कॉर्बेट टागर रिजर्व से सटे फाटो जोन में भी कर सकेंगे डे सफारी

रामनगर, त्रिलोक रावत : पर्यटकों का दबाव अब कार्बेट पार्क में कम हो जाएगा। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो के जंगल में पहली बार डे सफारी शुरू करने को हरी झंडी मिल चुकी है। अकटूबर से फाटो में पर्यटक जिप्सी सफारी का आनंद ले सकेंगे। वन विभाग पर्यटन की रूपरेखा बना रहा है।

तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत जैव विविधता, घने जंगल व वन्य जीवों की मौजूदगी वाले फाटो रेंज के जंगल को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग उठाई जा रही थी। इसके लिए विधायक दीवान सिंह बिष्ट के वन विभाग के प्रतिनिधि व राज्य सभा सदस्य अनिल बलूनी के प्रतिनिधि मदन जोशी बीते एक साल से प्रयासरत थे।

जोशी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व वर्तमान सीएम तीरथ सिंह रावत के समक्ष फाटो को पर्यटन के लिए विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। जोशी ने बताया कि गुरुवार को शासन ने फाटो को विकसित करने के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत भी कर दिए। विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने भी मंगलवार को देहरादून पहुंचकर फाटो में पर्यटन शुरू करने की बात सीएम के समक्ष रखी थी। अब वन विभाग इस साल एक अक्टूबर से फाटो में पर्यटकों के लिए जिप्सी की डे सफारी शुरू करने जा रहा है।

दस किलोमीटर के दायरे में होगी सफारी

पर्यटक दस किलोमीटर के दायरे में पर्यटक जंगल में सफारी कर सकेंगे। किस रूट पर पर्यटक सफारी करेंगे वह रूट निर्धारित किए जा रहे हैं। रामनगर से फाटो की दूरी 22 किलोमीटर है। फाटो पहुंचकर शिकारीकुंआ से पर्यटक सफारी करेंगे।

सरकार को होगी आय तो रोजगार भी मिलेगा

कार्बेट पार्क में पर्यटक सफारी के लिए जाते हैं। इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग में भी सीतावनी पर्यटन जोन में सफारी होती है। अब तराई पश्चिमी वन प्रभाग में भी पर्यटन शुरू होने से सरकार को राजस्व तो स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। बीएस शाही, डीएफओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग ने बताया कि अक्टूबर से फाटो में जिप्सी सफारी शुरू हो जाएगी। सफारी के लिए जिप्सियों की संख्या कितनी होगी और बुकिंग कैसे होगी, विभाग द्वारा इन सब की रूपरेखा बनाई जा रही है। फिलहाल डे सफारी ही कराई जाएगी।

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