प‍िथौरागढ़ में 37वें दिन भी नहीं खुल सका दारमा मार्ग, चीन सीमा के गांव पड़े अलग-थलग

चीन सीमा को जोडऩे वाला सोबला-दारमा मार्ग 37वें दिन भी बंद रहा। तवाघाट- लिपुलेख मार्ग भी बंद रहने से चीन सीमा से लगे क्षेत्र का संपर्क भंग है। एनएच में भी सुबह दिल्ली बैंड के पास मलबा आने से लगभग एक घंटे यातायात बाधित रहा।

Prashant MishraFri, 23 Jul 2021 08:01 PM (IST)
ग्रामीण जान हथेली पर रख कर आवाजाही कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, जाटी/धारचूला (पिथौरागढ़): जिले में बारिश का दौर थम चुका है परंतु बंद मार्गों के नहीं खुलने से जनता की दुश्वारियां यथावत बनी है। चीन सीमा को जोडऩे वाला सोबला-दारमा मार्ग 37वें दिन भी बंद रहा। तवाघाट- लिपुलेख मार्ग भी बंद रहने से चीन सीमा से लगे क्षेत्र का संपर्क भंग है। एनएच में भी सुबह दिल्ली बैंड के पास मलबा आने से लगभग एक घंटे यातायात बाधित रहा। जिले में दो दर्जन मोटर मार्ग बंद हैं।

विगत तीन चार दिनों से हो रही बारिश शुक्रवार को थम गई। शुक्रवार को दिन में चटक धूप खिली। धूप खिलने से उमस भरी गर्मी रही। दूसरी तरफ बीते दिनों की बारिश से बंद अधिकांश मार्ग अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। विशेषकर चीन सीमा को जोडऩे वाले दोनों मार्ग बंद होने से तल्ला मल्ला दारमा और व्यास घाटी का सम्पर्क भंग है। उच्च हिमालयी दारमा घाटी को जोडऩे वाले मार्ग के 37वें दिन भी यातायात के लिए नहीं खुलने से जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण जान हथेली पर रख कर आवाजाही कर रहे हैं।

तवाघाट से आगे मार्ग बंद होने से चौदास घाटी का संपर्क कटा हुआ है। एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी मार्ग नहीं खुलने से गांवों में अभाव वाली स्थिति बनी है। गर्बाधार- लिपुलेख मार्ग बंद होने से चीन सीमा पर स्थित व्यास घाटी के सात गांव प्रभावित हैं। थल-मुनस्यारी मार्ग पर भी हरडिय़ा के पास मलबा आने से मार्ग लगभग डेढ़ घंटे बंद रहा। जिले में बंद प्रमुख मार्गों में तवाघाट- तिदांग, गर्बाधार -लिपुलेख, तवाघाट-नारायण आश्रम, नाचनी-भैंस्कोट, गिनी बैंड-समकोट, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, मसूरी कांठा-होकरा सहित 23 मार्ग शामिल हैं।

हाईवे पर जौलजीबी से धारचूला के बीच किमखोला में भूस्खलन होने से किमखोला के वनराजि परिवारों के मकानों को खतरा बढ़ता जा रहा है। ढुंगातोली के पास भी कटाव होने लगा है। धारचूला तहसील में कालिका खुमती रोड बंद होने से खुम्ती गांव अलग-थलग पड़ा है।

हेलीकॉप्टर से 23लोगों को धारचूला लाया गया

धारचूला: शुक्रवार को हेलीकॉप्टर ने उच्च हिमालय के चार चक्कर लगाए और 23लोगों को धारचूला पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टर ने उच्च हिमालय के गुंजी, फिलम, बौन और माकम कैलास के चक्कर लगाए। पांचवीं उड़ान में पिथौरागढ़ से एक मरीज को हल्द्वानी पहुंचाया गया। टिकट प्रभारी धर्म सिंह नपलच्याल और महेश चंद ने बताया कि शुक्रवार को नौ लोगों से तीन हजार रु पये का टिकट लिया गया। रं कल्याण संस्था और रौंगकोंग की प्रधान अंजू रौंकली और कुटी के प्रधान धर्मेंद्र कुटियाल ने सरकार से हेलीकॉप्टर का किराया प्रति व्यक्ति डेढ़ हजार रु पये तय करने की मांग की है।

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