चम्पावत में जिला अस्पताल के साथ निजी अस्पताल में भी होगा कोविड का इलाज

मरीज को हायर सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगा।

मैदानी क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों का उपचार हो रहा है। इसी को देखते हुए चम्पावत में जिला अस्पताल के साथ एक मात्र प्राइवेट जीवन अनमोल मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भी कोरोना मरीजों का उपचार शुरू किया जाना राहत भरी खबर है।

Prashant MishraFri, 23 Apr 2021 08:09 PM (IST)

जागरण संवाददाता, चम्पावत : कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार के निर्देश पर अब जिला अस्पताल के साथ जिला मुख्यालय के निजी अस्पताल में भी कोरोना मरीजों का इलाज हो सकेगा। यही नहीं अस्पताल में मरीजों को आइसीयू व सीटी स्कैन का भी लाभ मिलेगा। ऐसे में मरीज को हायर सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगा।

कोरोना संक्रमण जनपद में दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन 20 से 30 केस मिल रहे हैं। मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मैदानी क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों का उपचार हो रहा है। इसी को देखते हुए चम्पावत में जिला अस्पताल के साथ एक मात्र प्राइवेट जीवन अनमोल मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भी कोरोना मरीजों का उपचार शुरू किया जाना लोगों के लिए राहत भरी खबर है।

अस्पताल प्रबंधक दीपक जोशी ने बताया कि अस्पताल के ग्राउंड व प्रथम फ्लोर को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। जिसमें 21 बेड लगाए गए हैं। इनमें छह आइसीयू बेड हैं। जो 24 घंटे सुचारू हैं। सभी बेड में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए सीटी स्कैन की भी सुविधा उपलब्ध है। गंभीर कोरोना मरीजों का भी उपचार किया जाएगा। जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। इस बावत सीएमओ को इसकी सूचना दे दी गई है। सीएमओ डा. आरपी खंडूरी ने बताया कि निजी अस्पताल में कोरोना मरीजों का उपचार होने से लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन के जुदा बयानों से असमंजस में लोग

कोरोना महामारी को देखते हुए जिला अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से बना आइसीयू सफेद हाथी बना हुआ है। आठ माह पूर्व 16 अगस्त को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने इसका शुभारंभ किया था लेकिन आज तक इसका संचालन नहीं हो पाया। वहीं अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन के जुदा-जुदा बयानों से जनता में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आइसीयू चलाने के लिए पर्याप्त स्टॉफ नहीं है। तीन स्टॉफ से आइसीयू 24 घंटे नहीं चलाया जा सकता। इसे चलाकर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना है। वहीं प्रशासन का कहना है कि आइसीयू में कोरोना मरीजों का उपचार किया जाना है। इसको अस्पताल में मौजूद स्टॉफ से ही इसे संचालित किया जाएगा। इसके लिए उनको प्रशिक्षण भी दिया गया है।

सर्जन डा. राहुल ने पुन: ज्वाइन करने को दिया प्रार्थना पत्र

जिला अस्पताल में पूर्व में तैनात सर्जन डा. राहुल चौहान ने पुन: पीएमएस को प्रार्थना पत्र देकर ज्वाइन करने की इच्छा जताई है। इस पर पीएमएस डा. आरके जोशी ने उनके प्रार्थना पत्र को महानिदेशक को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि महानिदेशक के निर्देश पर ही डा. राहुल फिर से ज्वाइन कर सकते हैं। डा. राहुल ने विगत वर्ष कुछ दिक्कतों के चलते जिला अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद उन्होंने लोहाघाट एक निजी अस्पताल में ज्वाइन कर लिया था। डा. राहुल के फिर से जिला अस्पताल में ज्वाइन करने के बाद लोगों को एक बार फिर बेहतर उपचार मिल सकेगा।

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