बागेश्वर में कांग्रेस ने मनाया संविधान दिवस, अंबेडकर के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर संविधान बचाओ समारोह का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत के संविधान को 26 नवंबर 1949 में स्वीकार किया गया था और 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया था।

Prashant MishraFri, 26 Nov 2021 06:49 PM (IST)
संविधान को 26 नवंबर 1949 में स्वीकार किया गया था और 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया था।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिला कांग्रेस कमेटी ने संविधान दिवस धूमधाम से मनाया। जिसके तहत उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर संविधान बचाओ समारोह का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि भारत के संविधान को 26 नवंबर 1949 में स्वीकार किया गया था और 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया था।

पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लोकमणी पाठक ने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे सप्ताह तक संविधान बचाओ समारोह कार्यक्रम मनाएगी। बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को लोगों के बीच ले जाया जाएगा। न्यायिक जागरुकता अभियान, संविधान बचाओ अभियान के तहत गोष्ठी आदि का आयोजन होगा। कुमाऊं केशरी एवं खुशी राम को समर्पित विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मलिन बस्तियों में जाकर लोगों को संविधान के बारे में अवगत कराया जाएगा।

संविधान में प्रदत्त अधिकारों के साथ ही समाज के कमजोर वर्ग के लोगों, विद्धानों, कर्मचारी नेताओं को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रकोष्ठों, विकास खंड, नगर पंचायत अध्यक्ष, बूथ कमेटी से कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर ललित फर्स्वाण, रणजीत दास, हरीश ऐठानी, बालकृष्ण, गीता रावल, गोपा धपोला, हरीश त्रिकोटी, बहादुर बिष्ट, अंकुर उपाध्याय, महेश पंत, कैलाश मोहन, विशाल रावत, अर्जुन देव आदि मौजूद थे।

चम्पावत में डीएम ने दिलाई संविधान की शपथ 

संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को डीएम विनीत तोमर ने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई। जिलाधिकारी ने संविधान दिवस की जनपद वासियों को शुभकामनाएं भी दीं। शपथ दिलाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान हमारे देश के कानून एवं सभी व्यवस्थाओं कि रीढ़ है। इसलिए सभी नागरिकों को संविधान एवं समस्त संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान देश के समस्त नागरिकों को बोलने, लिखने, पढऩे तथा सभी तरह की आज़ादी प्रदान करता है। हमारा कर्तव्य है कि हम सभी संविधान की मर्यादा एवं उसके उच्च आदर्शों को अपने ह्रदय में संजोकर रखें। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लिखित संविधान के निर्माता डा.भीमराव अम्बेडकर एवं संविधान सभा के सदस्यों का देश सदैव ऋणी रहेगा। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिवार के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थति रहे।

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