कपकोट में संचार व बिजली सेवा बाधित, अंधेरे में डूबी एक लाख की आबादी

विभाग को कई बार शिकायत कर दी है। इसके बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। लोग न तो ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं और नहीं अन्य कार्य ही पूरे हो पा रहे हैं। एक लाख की आबादी अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं।

Prashant MishraSun, 20 Jun 2021 05:44 PM (IST)
यहां की व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार मांग कर दी है, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : कपकोट तहसील में संचार व बिजली का संकट गहरा गया है। यहां दो दिन से बीएसएनएल में सिंग्नल तक नहीं आ रहे हैं। जबकि 24 घंटे से एक लाख की आबादी में बिजली गुल है। लोगों ने दोनों विभागों से व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है।

भराड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी ने बताया कि तहसील भूकंप और भूस्खलन की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। इसके बावजूद भी ऊर्जा निगम और बीएसएनएल गंभीर नहीं है। यहां आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दो दिन से बीएसएनएल के सिंगनल तक नहीं आ रहे हैं। विभाग को कई बार शिकायत कर दी है। इसके बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। लोग न तो ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं और नहीं अन्य कार्य ही पूरे हो पा रहे हैं। एक लाख की आबादी अंधेरे में रात काटने को मजबूर हैं। जरा सी बारिश में यहां की बिजली भी गुल हो जाती है। लोगों का कहना है कि यहां की व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार मांग कर दी है, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन किया जाएगा। इधर, ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि भूस्खलन के चलते लाइन ध्वस्त है। उसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। बीएसएनएल के जेटीओ हेमंत जोशी ने बताया कि उनकी ओएफीसी लाइन कटी है उसे ठीक करने का काम चल रहा है।

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