top menutop menutop menu

मुख्यमंत्री रावत ने कहा, कोरोना जांच के लिए रुद्रपुर व अल्मोड़ा में भी खुलेगी लैब

हल्द्वानी, जेएनएन : हल्द्वानी, जेएनएन : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हम लोग अभी महामारी के प्रथम चरण में हैं। ऐसे में हमें और सतर्कता बरतनी चाहिए। कुमाऊं में कोरोना की जांच बढ़ाने के लिए रुद्रपुर व अल्मोड़ा में भी लैब खुलवाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही आइसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) से अनुमति लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब सीएम ने कहा कि प्रदेश में प्रवासियों के आने की वजह से संक्रमण हो रहा है। राज्य में पहले से रहने वाले लोगों में संक्रमण नहीं है। फिर भी दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासियों को वापस लेने के निर्णय पर सरकार अडिग है। उन्होंने कहा कि संक्रमण बढऩे का अनुमान पहले से था। इसलिए लॉकडाउन पीरियड में 500 डॉक्टर भर्ती कर लिए। स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षित कर लिया गया था। सभी जिलों में वेंटीलेटर की सुविधा दे दी गई। जांचें बढ़ाने के लिए भी प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। इससे पहले बैठक में विधायक नवीन दुम्का व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट ने मांग की कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लालकुआं के बजाय हल्दी स्टेशन में रूकवाने की व्यवस्था की जाए। इस पर सीएम ने रेलवे बोर्ड से बात करने का आश्वासन दिया। सांसद अजय भट्ट ने भी कुमाऊं में जांच सुविधाएं बढ़ाने की जाने की मांग की। इस पर अल्मोड़ा व रुद्रपुर में कई वर्षों से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में लैब खुलवाने का आश्वासन दिया।

प्रवासियों को लाना सरकार की प्राथमिकता

लॉकडाउन के कारण प्रदेश से बाहर फंसे प्रवासी उत्तराखंडियों को लाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार अपने जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रही है। प्रवासियों काे लाने के लिए बस और ट्रेनों का इंतजाम किया गया है। बड़ी तादाद में प्रवासी लाए गए हैं और लाए भी जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया है।

सीएम ने प्रधानों को भी सहयोग को सराहा

सीएम रावत ने कहा कि प्रवासियों को ठहराने में ग्राम प्रधानों का विशेष सहयोग मिल रहा है। गांवों में क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था उन्होंने बखूबी संभाल रखी है। बता दे किया पिछले दिनों में क्वारंटाइन सेंटर्स को लेकर ग्राम प्रधानों ने कुमाऊं भर के जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी थी। उनकी मांग थी गांवाें में क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था खत्म की जाए।

सभी जिलों में अब वेंटीलेटर की सुविधा

सीएम ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। 500 डॉक्टरों की तैनाती के साथ सभी जिलों में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है । स्टाफ नर्सों की ट्रेनिंग भी करवाई गई है। सीएम ने कहा कि कर किसी को क्वॉरेंटाइन के नियमों का पालन करना है। बैठक में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, सांसद अजय भट्ट, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी विधायक संजीव आर्य, नवीन दुमका आदि शामिल रहे।

बाहर का खाना ऑर्डर करने से डर रहे लोग, रेस्‍टोरेंट में भी महज कन्फेक्शनरी आइटम मांग रहे 

नेपाल ने भारतीय सीमा से सटे जुल्लाघाट में बीओपी का किया उद्घाटन 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.