एमबीपीजी के प्राचार्य समेत पांच प्रोफेसरों पर महिला प्रोफेसर ने लगाया आपत्‍त‍िजनक हरकत करने का आरोप, केस दर्ज

एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच प्रोफेसरों पर महिला प्रोफेसर ने अश्लील व अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने प्राचार्य समेत पांचों प्रोफेसरों पर आइपीसी की धारा 354ए के तहत केस दर्ज कर लिया है।

Skand ShuklaTue, 21 Sep 2021 08:44 AM (IST)
एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच प्रोफेसरों पर महिला प्रोफेसर ने लगाया आपत्‍त‍िजनक हरकत करने का आरोप, केस दर्ज

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य समेत पांच प्रोफेसरों पर महिला प्रोफेसर ने अश्लील व अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने प्राचार्य समेत पांचों प्रोफेसरों पर आइपीसी की धारा 354ए के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं प्राचार्य पर आरोप लगाने वाली महिला प्रोफेसर पर भी पुलिस ने गालीगलौज, धमकाने व जबरन वसूली के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाली में दी तहरीर में एमबीपीजी से दूसरे कॉलेज में संबद्ध की गई महिला प्रोफेसर का आरोप है कि प्राचार्य डा. बीआर पंत व उनके सहयोगी प्रोफेसर डा. विनय, डा. नवल लोहनी, डा. सुरेश टम्टा व डा. शिव सिद्ध की ओर से पिछले कुछ दिनों से लगातार उत्पीडऩ किया जा रहा है। आरोप है कि उनके साथ अश्लील, अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। कार्रवाई के लिए उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव, प्रभारी सचिव तथा अपर सचिव उच्च शिक्षा को भी पत्र भेजा था। इस आरोप पर प्राचार्य समेत पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, प्राचार्य डा. बीआर पंत ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि महिला प्रोफेसर को दूसरे राजकीय महाविद्यालय में संबद्ध किया गया था।

19 दिसंबर 2020 के आदेश की अवहेलना करते हुए महिला प्रोफेसर ने राजकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न की। गालीगलौज करते हुए अशोभनीय व्यवहार किया और जबरन धनराशि जारी करने के लिये धमकाया गया। आरोप है कि महिला प्रोफेसर ने उनकी दिव्यांगता पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उपहास उड़ाने के साथ हाथापायी पर उतारु हो गई। साथ ही झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी दी गई। एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रास रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

पत्र लिखवाने पर भी धमकाने का आरोप

प्राचार्य का आरोप है कि घटना के समय उपस्थित प्राध्यापक उनके समर्थन में आए थे। 13 मार्च को कॉलेज आकर महिला प्रोफेसर ने उनके समर्थन में पत्र लिखने पर अन्य प्रोफेसरों को धमकाया। प्रोफेसर डा. सुरेश टम्टा के लिए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। प्राचार्य बीआर पंत का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। हम सभी जांच के लिए तैयार हैं।

 

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