भारी बार‍िश से चम्‍पावत में बही कार व ट्रक, बाल-बाल बचे लोग, मलबा आने से एनएच बंद

बनलेख के पास हुई मूसलधार बारिश से सड़क पर खड़ी एक कार और ट्रक मलबे में बह गए। कार में चालक सहित पांच यात्री बैठे थे। सभी यात्रियों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सकुशल बाहर निकाला गया। इसमें कार सवार एक महिला को मामूली चोटें आई।

Prashant MishraTue, 20 Jul 2021 04:43 PM (IST)
प्रशासन ने बैराज पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।

जागरण संवाददाता, चम्पावत : जिले में मंगलवार को हुई बारिश से व्यापक नुकसान हुआ है। दोपहर दो बजे करीब बनलेख के पास हुई मूसलधार बारिश से सड़क पर खड़ी एक कार और ट्रक मलबे में बह गए। कार में चालक सहित पांच यात्री बैठे थे। सभी यात्रियों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सकुशल बाहर निकाला गया। इस घटना में कार सवार एक महिला को मामूली चोटें आई। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया है। घटना की जानकारी के बाद एसडीएम अनिल गब्र्याल और सीओ अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने राहत बचाव कार्य का निरीक्षण किया। उधर बनबसा में शारदा नदी का जल स्तर एक लाख क्यूसेक के पार होने पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने बैराज पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। टनकपुर में भी बैराज के गेट खोल दिए गए हैं।

मंगलवार को एनएच बंद होने के कारण पुलिस ने वाहनों को बनलेख बैरियर के पास रोक दिया था। अचानक हुई तेज बारिश से रोड के ऊपर बने खेत में पानी एकत्र हो गया। पानी का अत्यधिक पडऩे पर पानी मलवे के साथ रोड पर आ गया। जिसकी चपेट में सड़क किनारे खड़ी कार संख्या- संख्या- एचआर, 72ई-6440 तथा कैंटर संख्या- यूके 05सीए-0913 आ गई और वह बहकर खाई में चले गए। गनीमत रही की खाई बड़ी नहीं थी अन्यथा जनहानि हो सकती थी। जिसमें कार सवार खीम सिंह पुत्र देव सिंह, पत्नी प्रिया, पुत्री तनिशा, नायरा व पुत्र करन निवासीगण बिदा गुरना पिथौरागढ़ चोटिल हो गए। यह लोग पिथौरागढ़ से गुडग़ांव जा रहे थे। कार्यदायी कंपनी शिवालया के कर्मचारी व प्रोजेक्ट हेड सुरेंद्र राणा ने सभी को बाहर निकाल कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इधर बारिश से जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा में कई जगह जल भराव हो गया। इधर मलबा आने से जिले की आठ ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं तो एक दर्जन सड़कों पर आंशिक मलबा गिरने से बड़े वाहनों का संचालन ठप हो गया है।

टनकपुर में किरोड़ा नाला और शारदा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। मंगलवार की सुबह हनुमानगढ़ी, विष्णुपुरी कालौनी, आमबाग, बिचई आदि स्थानों पर कई घरों में पानी घुस गया। पूर्वान्ह 11 बजे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनलेख, स्वाला, अमोड़ी, झालाकुड़ी बैंड, अमरूबैंड, आठवां मील आदि स्थानों पर मलबा आने से एनएच बंद हो गया। लगातार हो रही बारिश व कोहरे के कारण सड़क खोलने में दिक्कत आ रही थी। उधर पुलिस ने चम्पावत की ओर आने वाले वाहनों को ककराली गेट पर रोक दिया है। पूर्णागिरि मार्ग तीन दिन से अभी तक नहीं खुल पाया है। जबकि सोमवार को बंद अमोड़ी-छतकोट, ठुलीगाड़-भैरव मंदिर, छिनकाछीना-थुवामौनी सड़क अभी भी बंद हैं।

मंगलवार को हरम-रमैला, धूनाघाट-भिंगराड़ा, चम्पावत-खेतीखान और डुंगराबोरा-स्याला-पोथ सड़क मलबा आने से बंद हो गई हैं। अब बंद पड़ी ग्रामीण सड़कों की संख्या आठ पहुंच गई है। इधर पूर्णागिरि मार्ग बंद होने से पूर्णागिरि धाम के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के 15 वाहन तीन दिन से भैरव मंदिर के पास में ही फंसे हैं। लोनिवि ईई एपीएस बिष्ट ने बताया कि पूरी चट्टान के सड़क पर गिर जाने से सड़क खोलने में देरी हो रही है। चट्टान को काटने वाली मशीन लगा दी गई है। शीघ्र सड़क को खोल दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तकएनएच को यातायात के लिए सुचारू नहीं किया जा सका था।

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