अक्षत तृतीया पर दूसरे साल भी कारोबारी निराश, जिले में 32 करोड़ का का नुकसान

शुक्रवार को अक्षत तृतीया पर भी दुकानें बंद रहने से लोग जेवर आदि नहीं खरीद पाए।

पिछले साल भी कोरोना काल की वजह से लॉकडाउन लगा रहा। जिससे अक्षय तृतीया पर लोग खरीदारी नहीं कर पाए। इस साल भी पहले सहालग सीजन की वजह से सर्राफा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। करीब 32 करोड़ रुपये का सर्राफा कारोबार खत्म होने का अनुमान कारोबारी लगा रहे हैं।

Prashant MishraSat, 15 May 2021 09:11 AM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : कोरोना काल की वजह से सहालग सीजन पिटने के बाद शुक्रवार को अक्षत तृतीय पर्व पर भी सर्राफा कारोबार चौपट रहा। कोरोना कफ्र्यू की वजह से जिले भर में कहीं भी सर्राफा की दुकानें नहीं खुली। नैनीताल जनपद में करीब 32 करोड़ रुपये का सर्राफा कारोबार खत्म होने का अनुमान कारोबारी लगा रहे हैं।

अक्षत तृतीया पर्व पर सोने-चांदी के जेवरात खरीदना शुभ मानता है। लोग कुछ न कुछ जेवरात खरीदकर पर्व मनाते हैं। हल्द्वानी में 170 और जिले भर में दो सौ से अधिक सर्राफा की दुकानें हैं। इसके अलावा सोने की ब्रांडेंड कंपनियों के शोरूम में भी अक्षत तृतीया पर भारी भीड़ खरीदारी के लिए जुटती थी। कारोबारियों के मुताबिक लोग सोने-चांदी के सिक्के, चेन, मंगलसूत्र, चांदी की पायल, बर्तन, गिलास, कटोरी, चम्मच के साथ ही डाइमंड के जेवर तक खरीदते थे। पिछले साल भी कोरोना काल की वजह से लॉकडाउन लगा रहा। जिससे अक्षय तृतीया पर लोग खरीदारी नहीं कर पाए। इस साल भी पहले सहालग सीजन की वजह से सर्राफा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। शुक्रवार को अक्षत तृतीया पर भी दुकानें बंद रहने से लोग जेवर आदि नहीं खरीद पाए।

व्यापारियों ने कहा

अक्षत तृतीया पर्व पर नैनीताल जिले में करीब 32 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान था। पिछले साल भी इस पर्व पर लॉकडाउन की वजह से सर्राफा दुकानें नहीं खुली। लगातार दूसरे साल अक्षत तृतीया पर्व पर कोरोना काल का ग्रहण लग गया।

- घनश्याम रस्तोगी, महामंत्री, ग्रीन सिटी सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन

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सर्राफा कारोबार कोरोना काल में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले साल पहले लाकडाउन और फिर अनलाक में शादी-ब्याह में लोगों की बाध्यता का असर सर्राफा कारोबार पर पड़ा। इस साल भी कारोबारियों का करोड़ों का घाटा उठाना पड़ा है।

- सुधीर जैन, संरक्षक, ग्रीन सिटी सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन

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कोरोना काल का सर्राफा कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। लोग शादी-ब्याह में भी नाम मात्र के जेवर बनवा रहे हैं। वहीं कोरोना कफ्र्यू की वजह से 20 दिन से अधिक समय से सर्राफा दुकानें बंद हैं। अक्षत तृतीय पर दुकानें नहीं खुलने से कारोबार प्रभावित हुआ।

- पवन सिंघल, संरक्षक, ग्रीन सिटी सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन

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कोरोना काल से छोटे सर्राफा कारोबारियों से लेकर ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम कारोबारियों पर असर पड़ा है। पिछले साल कई महीने तक सर्राफा दुकानें बंद थी। इस साल भी ठीक सहालग सीजन में दुकानें बंद हो गयी। ऐसे में कारोबारियों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।

 संजय वर्मा, न्यू पर्वतीय आभूषण

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