दहेज हत्या के मामले में जमानत याचिका खारिज

अंजुम ने फोन कर बताया कि तुम हल्द्वानी आ जाओ बहन को कब्रिस्तान ले जा रहे हैं। जब पत्नी व पुत्री के साथ हल्द्वानी पहुंच गया तो सास कहने लगी की उल्टी दस्त से मर गयी है और पति व ससुर और कारण बताने लगे शव देखने नहीं दिया।

Prashant MishraSat, 27 Nov 2021 09:36 AM (IST)
बेटियां होने के बाद ससुरालियों का दहेज के लिए उत्पीड़न और बढ़ गया।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने दहेज हत्या के आरोपित पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी। डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने अदालत में दलील दी कि 30 सितंबर को थाना बनभूलपुरा में अनवार हुसैन पुत्र कल्लू निवासी मोहल्ला काजीबाग, काशीपुर, जिला ऊधम सिंह नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई। अनवार के अनुसार उनकी पुत्री शबाना की शादी 2015 में मोहम्मद इरशाद पुत्र छोटे निवासी  इन्द्रानगर  हल्द्वानी के साथ हुई थी।

शादी में सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था, लेकिन शादी के बाद से पति मोहम्मद इरशाद, ससुर छोटे, सास सलमा, मामा सलीम कम दहेज लाने का ताना मारते थे। दहेज में बुलेट लाने का दबाव डालते थे। शादी के बाद शबाना की बेटियां हुई। पहली पुत्री होने पर सास ने बेटा नहीं होने पर उसे कोसा, दूसरी पुत्री होने पर सास सलमा उसका पति इरशाद ससुर मामा रोज कोसने लगे, ताने देने लगे कि एक तो तेरे बाप ने दहेज में कुछ नहीं दिया,  दो पुत्रियों जन्म दे दी है, इनका खर्चा तेरा बाप देगा। बेटियां होने के बाद ससुरालियों का  दहेज के लिए उत्पीड़न और बढ़ गया। 

कुछ समय पुत्री ने बताया कि उसका पति व सास दो लाख रुपये मायके से लाने का दबाव डाल रहे है, मना करने पर गालीगलौज व मारपीट कर रहे हैं। 29 सितंबर को सुबह 8:10 बजे रिपोर्टकर्ता के  मोबाइल पर  शबाना की देवरानी ने फोन किया कि तुम्हारी पुत्री की मौत हो गयी है, हल्द्वानी आओ, तो उन्होंने हल्द्वानी में अपनी बड़ी बहन अंजुम को फोन किया और शबाना के घर जाने को कहा। अंजुम जब शबाना के ससुराल पहुंची तो शबाना की लाश का मुंह चुन्नी से ढका हुआ था। अंजुम ने रोते हुए कहा कि मेरी बहन को मार दिया है, तब शबाना की सास सलमा कहने लगी कि तेरे माता पिता से बात कर बात सुलझा लेंगे, कुछ समय बाद अंजुम ने फोन कर बताया कि तुम हल्द्वानी आ जाओ, बहन को कब्रिस्तान ले जा रहे हैं। जब पत्नी व पुत्री के साथ आनन फानन बस पकड़कर हल्द्वानी पहुंच गया तो  सास कहने लगी की उल्टी दस्त से मर गयी है और पति व ससुर और कारण बताने लगे, शव देखने नहीं दिया।

पत्नी के साथ थाना बनभूलपुरा पहुंचा और पुलिस को अपनी पुत्री को दहेज के लिए ससुराल वालों द्वारा मारने की बात बतायी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया, गले में निशान दिखाई दे रहे थे, जिससे लग रहा था मेरी पुत्री को दहेज के लिए मार दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डयू टू एसीक्सिया एन्टीमार्टम हैंगिंग के कारण मृत्यु होना बताया है। डॉक्टरों द्वारा गले में फांसी लगने व दम घुटने के कारण मृत्यु होना बताया है।

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