जिला पंचायत देहरादून के आदेश पर फिलहाल रोक, पक्षकारों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

याचिका में कहा कि जिला पंचायत ने याचिकाकर्ता की निविदा के साथ असत्य अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर ठेके की नीलामी के लिए निर्धारित शर्त का उल्लंघन किया है। इस आधार पर जिला पंचायत ने याचिकाकर्ता की धनराशि जब्त करने व विधिक कार्यवाही के आदेश दिए है जो गलत है।

Prashant MishraSat, 31 Jul 2021 07:20 AM (IST)
देहरादून के क्षेत्रांतर्गत लदान व ढुलान की व्यवस्था के टेंडर का मामला।

जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने जिला पंचायत देहरादून की ओर से याचिकाकर्ता की धरोहर राशि जब्त करने व विधिक कार्रवाई करने के आदेश पर रोक लगाते पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में देहरादून निवासी राकेश जैन की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें जिला पंचायत देहरादून के छह जुलाई 2021 के आदेश को चुनौती दी गई है । याचिका में कहा कि जिला पंचायत ने याचिकाकर्ता की निविदा के साथ असत्य अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर ठेके की नीलामी के लिए निर्धारित शर्त का उल्लंघन किया है। इस आधार पर जिला पंचायत ने याचिकाकर्ता की धनराशि जब्त करने व विधिक कार्यवाही के आदेश दिए है जो गलत है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि 15 मार्च 2021 को जिला पंचायत देहरादून के क्षेत्रांतर्गत लदान व ढुलान की व्यवस्था को नियंत्रित किए जाने के कार्य को प्रचलित उपविधि के अनुसार दो वर्ष पहली अप्रैल से 31 मार्च 2023 तक के लिए ठेके के माध्यम से कराने के लिए ई-टेंडर नोटिस निकाला गया था। जिसमें याचिकाकर्ता सहित दो अन्य लोगों ने आवेदन किया था। याचिकाकर्ता ने दस लाख 11 हजार व विपक्षी विरेंद्र कुमार ने दो करोड़ 33 लाख कोड किया था। जिसके बाद जिला पंचायत ने असत्य अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी धरोहर राशि जब्त करने व कार्यवाही करने के आदेश पारित कर दिए।

नलवा लैब संचालक को हाई कोर्ट से राहत नहीं

नैनीताल : हरिद्वार कुंभ में कोरोना जांच फर्जीवाड़े के आरोपित नलवा लैब संचालक को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। हाई कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक की एकलपीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए लैब संचालक नवतेज नलवा को निचली अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 17 अगस्त तक अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दी है। कुंभ में कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद 17 जून को सीएमओ हरिद्वार ने हरिद्वार कोतवाली में मैक्स कॉरपोरेट सॢवसेज समेत लाल चंदानी व नलवा लैब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि सभी की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने धाराएं बढ़ा दी तो गिरफ्तारी का खतरा नलवा लैब समेत सभी पर बन गया है। नलवा लैब संचालक ने याचिका दाखिल कर कहा कि उन्होंने एक भी जांच नहीं कि और उनको इस मामले में गलत फंसाया जा रहा है। याचिका में गिरफ्तारी पर रोक के साथ एफआइआर निरस्त करने की मांग की गई थी।

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