तीन दिन की आपदा के बाद अब राहत कार्यों पर जोर, सेना, एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन व फायर ने संभाली कमान

टनकपुर पिथौरागढ़ एनएच जगह-जगह बंद होने तथा धौन व चल्थी में रोड बह जाने से एनएच के जल्द खुलने की संभावना नहीं है। हालांकि कार्यदायी कंपनियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। बारिश थमने के बाद पुलिस प्रशासन एसडीआरफ फायर ने रेस्क्यू करना शुरू कर दिया है।

Prashant MishraWed, 20 Oct 2021 03:10 PM (IST)
जगह-जगह लैंड स्लाइड होने से मार्ग बाधित हो गया।

जागरण संवाददाता, चम्पावत : तीन दिन से लगातार बारिश चौथे दिन रूकी तो हर जगह तबाही का ही मंजर दिख रहा है। शारदा, लधिया, हुड्डी, लधिया, गंडक समेत कई नदियों ने पूरे जनपद में जमकर उत्पात मचाया। जनपद के पर्वतीय क्षेत्र में जहां विगत 36 घंटे से विद्युत व्यवस्था बाधित चल रही है। वहीं पानी संचार की व्यवस्था बाधित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टनकपुर पिथौरागढ़ एनएच जगह-जगह बंद होने तथा धौन व चल्थी में रोड बह जाने से एनएच के जल्द खुलने की संभावना नहीं है। हालांकि कार्यदायी कंपनियों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। बारिश थमने के बाद पुलिस, प्रशासन, एसडीआरफ, फायर ने जगह-जगह राहत कार्य के साथ रेस्क्यू करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण व स्टेट हाइवे भी बंद चल रहे हैं। 

तीन दिन की लगातार बारिश के बाद बुधवार को मौसम साफ हुआ और धूप खिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। नदियों का वेग कम हुआ तो राहत बचाव का कार्य शुरू हुआ तो चारों हुआ सिर्फ तबाही तबाही ही दिख रहा था। पर्वतीय क्षेत्र में दर्जनों मकान भूस्खलन से खतरे की जद में आ गए तो दो दर्जन से अधिक ग्रामीण व स्टेट हाइवे सड़क बंद हो गया। राहत व बचाव कार्य में सबसे ज्यादा दिक्कत नेटवर्क की हो रही है। जनपद के पर्वतीय क्षेत्र चम्पावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट आदि क्षेत्र में 18 अक्टूबर की शाम से लाइट न होने से संचार व पानी की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। 

एनएच खुलने में लग सकता है एक सप्ताह का समय

बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही टनकपुर पिथौरागढ़ एनएच पर मचाई। ऑलवेदर रोड बनकर लगभग तैयार हो गई। एक दो महीने में उद्घाटन होना था लेकिन तीन दिन की बारिश ने एनएच की हालत खस्ता कर दी। जगह-जगह लैंड स्लाइड होने से मार्ग बाधित हो गया। कई जगह रोड आधी तो कई जगह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। एनएच को देख लगता ही नहीं कि हाल ही में यहां रोड बनाई गई थी। बहरहाल बारिश थमने के बाद एनएच पर कार्यदायी कंपनियों ने मलवा हटाने के साथ एनएच खोलने का काम शुरू कर दिया है। रोड खत्म होने के बाद एनएच अधिकारियों का अनुमान है कि एनएच खुलने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। कंपनी एक तरह से मलवा हटाते हुए आगे बढ़ रही है। 

शारदा घाट पर लोग सफाई में जुटे

टनकपुर : उफनाई शारदा नदी ने शारदा घाट किनारे बसे वार्ड नंबर एक में जमकर तबाई मचाई। लोगों को प्रशासन ने घरों से निकालकर अत्यंत्र शिफ्ट किया। बारिश थमी और नदी का पानी कम हुआ तो बुधवार को लोग अपने घरों में पहुंचे। किसी घर में तीन तो किसी में पांच-पांच फिट तक गाद जमी हुई थी। लोगों ने घरों की सफाई निकालकर गाद रोड पर फेंकी। वहीं पालिकाध्यक्ष विपिन वर्मा ने मशीनें लगाकर घाट व आसपास जमी गाद को हटाने का कार्य शुरू कराया। 

260 हेक्टेयर फसद बर्बाद होने की संभावना

बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ। धान की कटी फसल खेतों में पड़ी हुई थी। तीन दिन हुई बारिश से फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि जनपद में बारिश से करीब 260 हेक्टेयर फसल बर्बाद होने का अनुमान है। इनमें 112 हेक्टेयर फसल को 33 फीसद से अधिक का नुकसान है। राजस्व व कृषि विभाग की टीम नुकसान का आकलन तैयार करने में जुट गई है। रिपोर्ट तैयार कर शासन में भेजी जाएगी।

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