सीएम के तेवर पर प्रशासन की सख्ती, कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिकंजा

सोमवार को सीएम के बयान के बाद पुलिस ने अधिक तेजी दिखाई है।

10 मई को हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री रावत ने भी इस मामले में सख्ती की बात कही। सीएम ने कहा कि ज्यादा पैसे वसूलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम के बयान के तुरंत बाद ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय दिखाई दे रहा है।

Prashant MishraWed, 12 May 2021 04:50 PM (IST)

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : महामारी के दौरान आपदा में अवसर तलाश कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस व प्रशासन सख्त रवैया अपना रहा है। जबकि सीएम तीरथ सिंह रावत ने भी कालाबाजारी करने वाले लोगों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है।

कोरोना महामारी के दौरान अधिक मूल्य वसूलने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में 10 मई को हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री रावत ने भी इस मामले में सख्ती की बात कही। सीएम ने कहा कि ज्यादा पैसे वसूलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम के बयान के तुरंत बाद ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय दिखाई दे रहा है। जिसमें 12 घंटे के भीतर कालाबाजारी के दो मामले पकड़े गए हैं। जिसमें ग्राहकों से अधिक कीमत वसूल की जा रही थी।

कालाबाजारी रोकने के लिए सोमवार को सीएम के बयान के बाद पुलिस ने अधिक तेजी दिखाई है। जिसमें शिकायत मिलने के बाद मुखानी स्थित विवेकानंद अस्पताल के मेडिकल स्टोर में रेमडेसिविर इंजेक्शन को बिना बिल व डाक्टरी सलाह के बेचने का मामला पुलिस ने पकड़ा। जिसके लिए मुखानी थानाध्यक्ष सुशील कुमार व ड्रग निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट ने सोमवार की आधी रात को छापेमारी कर मामले का पर्दाफाश किया। इसी के साथ मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे मुखानी थाने की ओर से एक अन्य बड़ी कार्रवाई की गई। जिसमें कोरोना जांच की अधिक कीमत वसूलने वाले पैथ काइंड लैब संचालक को गिरफ्तार किया गया। एसओ सुशील कुमार ने बताया कि मिशन हौंसला के तहत डीजीपी व एसएसपी के निर्देश पर इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने इन मामलों में की कार्रवाई

कालाबाजारी का मामला मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा रही है। जिसमें इससे पहले 26 अप्रैल को व्यवसायिक प्रयोग में लाए जा रहे 54 ऑक्सीजन सिलेंडर को जब्त किया गया था। बीते दो मई को ऑक्सीमीटर की ओवर रेटिंग में तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। बीते चार मई को महंगी कीमत पर बेचे जा रहे फ्लोमीटर को पकड़ा गया था। मेडिकल स्टोर संचालक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

ई-रिक्शा में ले जाए जा रहे ऑक्सीजन फ्लो मीटर को भी मुखानी पुलिस ने पकड़ा था। बीते नौ मई को निजी अस्पताल में आईसीयू बेड उपलब्ध कराने के नाम पर गड़बड़ी की गई। जिसमें पुलिस और प्रशासन ने मौके पर निरीक्षण भी किया। एसएसपी प्रीति प्रदर्शनी का कहना है कि कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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