मानसून को लेकर प्रशासन ने कस कमर, 250 ऑक्सीजन सिलेंडर लीज पर लेने की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग को आक्सीजन के 100 छोटे सिलेंडर और चार बड़े सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं। एक बड़े सिलिंडर में 25 जंबो सिलेंडरों के बराबर आक्सीजन आती है। सड़कें बंद होने से ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए 250 जंबो सिलेंडर लीज पर लिए जा रहे हैं।

Prashant MishraWed, 02 Jun 2021 10:22 PM (IST)
लोग के नियमों का पालन करने से तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है।

संवाद सहयोगी, चम्पावत : आगामी मानसून सत्र को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। किसी भी आपदा से निपटने के लिए संबधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। सड़क बंद होने की दशा में अस्पतालों में आक्सीजन की कमी न हो इसके लिए 250 ऑक्सीजन सिलेंडर लीज पर लेने के साथ 100 छोटे एवं चार बड़े सिलेंडरों को खरीदें जा रहे हैं।

जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बुधवार को मानसून सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने मानसून से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि के करण पहाड़ों में मलबा आने से सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं। ऑलवेदर रोड निर्माण के बाद यह खतरा और अधिक बढ़ गया है। बताया कि एनएच, लोनिवि और पीएमजीएसवाई को संवेदनशील सड़क मार्गों पर जेेसीबी मशीनों की तैनाती करने को कहा गया है। एनएच समेत आंतरिक सड़कों पर 24 जेबीसी मशीनों चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग को आक्सीजन के 100 छोटे सिलेंडर और चार बड़े सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं। एक बड़े सिलिंडर में 25 जंबो सिलेंडरों के बराबर आक्सीजन आती है। सड़कें बंद होने से ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए 250 जंबो सिलेंडर लीज पर लिए जा रहे हैं।

डीएम ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के साथ कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए भी प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बताया कि जिला अस्पताल एवं उप चिकित्सालय लोहाघाट एवं टनकपुर में तैनात बाल रोग विशेषज्ञों से अस्पतालों में बच्चों के उपचार के लिए मौजूद संसाधनों का व्यौरा मांगा गया है। जरूरत पडऩे पर मानसून से पहले जरूरी उपकरण खरीदें जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा लगातार बना हुआ है। कोविड नियमों का पालन और संयम दोनों जरूरी हैं। लोग बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचेंगे तो कोरोना की चैन तोड़ी जा सकती है। लोग के नियमों का पालन करने से तीसरी लहर को आने से रोका जा सकता है।

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