प्रशासन और पालिका को फिर याद आया बलियानाला, 55 परिवारों को नोटिस देने पहुंची पालिका टीम

तीन दिन से शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद संभावित खतरे को देखते हुए पूर्व में चिन्हित किए गए 55 परिवारों को नोटिस देने पालिका की टीम पहुंची। जहां क्षेत्र वासियों ने विरोध करते हुए नोटिस लेने से इनकार कर दिया।

Prashant MishraMon, 21 Jun 2021 06:07 AM (IST)
जिम्मेदारी से बचने के लिए बरसात शुरू होते ही लोगों को विस्थापित करने को लेकर नोटिस थमा दिए जाते हैं।

जागरण संवाददाता, नैनीताल। बरसात शुरू होते ही एक बार फिर भूगर्भिक दृष्टि से संवेदनशील बलियानाला क्षेत्र से लोगों को विस्थापित करने का जिन्न बाहर निकल आया है। तीन दिन से शहर में लगातार हो रही बारिश के बाद संभावित खतरे को देखते हुए पूर्व में चिन्हित किए गए 55 परिवारों को नोटिस देने पालिका की टीम पहुंची। जहां क्षेत्र वासियों ने विरोध करते हुए नोटिस लेने से इनकार कर दिया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पूरे वर्ष भर तो प्रशासन और पालिका उनको लेकर उदासीन बनी रहती है। जिम्मेदारी से बचने के लिए बरसात शुरू होते ही लोगों को विस्थापित करने को लेकर नोटिस थमा दिए जाते हैं।

बता दें कि शहर की तलहटी पर स्थित बलियानाला क्षेत्र में हो रहा भूस्खलन शहर की बसासत के बाद से ही बड़ी समस्या बना हुआ है। पहाड़ी पर लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण क्षेत्र से कई लोगों को अब तक अन्यत्र विस्थापित किया जा चुका है। दो वर्ष पूर्व जायका की ओर से क्षेत्र का सर्वे कर ट्रीटमेंट प्लांट सुझाया था। साथ ही खतरे की जद में रह रहे भवनों को चिन्हित कर लोगों को अन्यत्र विस्थापित करने का सुझाव दिया था। प्लान सुझाने के दो वर्ष बाद भी अब तक ना तो पहाड़ी की रोकथाम के लिए कोई कवायद की गई, और ना ही खतरे की जद में रह रहे लोगों को विस्थापित करने के लिए कोई कदम उठाया गया। अब बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद एक बार फिर पालिका अपने बचाव में क्षेत्रवासियों को नोटिस थमा ने पहुंच गई।

रविवार देर शाम ईओ अशोक वर्मा पालिका कर्मियों और पुलिस बल के साथ क्षेत्र में पहुंचे। जहां 55 लोगों को अन्यत्र विस्थापित होने के लिए नोटिस दिया जाना था। नगरपालिका की टीम के पहुंचते ही लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि बरसात होते ही प्रशासन और पालिका को बलियानाला क्षेत्र में रह रहे लोगों की याद आ जाती है। जबकि अन्य दिनों में वहां के निवासियों को भुला दिया जाता है। ईओ ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद क्षेत्र में 55 परिवारों को नोटिस जारी किए गए हैं।

टीम नोटिस देने क्षेत्र में पहुंची थी, लेकिन लोगों के विरोध के कारण पांच लोगों को ही नोटिस रिसीव कराए गए है। बताया कि चिन्हित किए गए परिवारों को अन्यत्र स्थापित करने के साथ ही प्रशासन की ओर से किराया व भत्ता भी दिया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार बरखा जलाल, एसआई दीपक बिष्ट, शिवराज राणा, सूरज समेत तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।

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