बागेश्वर के कपकोट में बारिश से एक मकान ध्वस्त, सड़कों पर आया मलबा, यातायात ठप

बैड़ा-मझेड़ा गांव में एक व्यक्ति का आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया है। वहीं दफौट बालीघाट और रीमा क्षेत्र के 53 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।

Prashant MishraMon, 18 Oct 2021 06:50 PM (IST)
बारिश के कारण ऊर्जा निगम को भी भारी नुकसान हो रहा है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : जिले में पिछले 24 घंटे से अनवरत बारिश हो रही है। जिसके कारण पिंडारी में हल्की बर्फबारी हुई है। जिससे उच्च हिमालयी गांवों में शीत लहर दौड़ गई है। अतिवृष्टि से कपकोट के बैड़ा-मझेड़ा गांव में एक व्यक्ति का आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया है। वहीं, दफौट, बालीघाट और रीमा क्षेत्र के 53 गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।

बीती रविवार की रात लगभग सात बजे से जिले में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके कारण कपकोट के बैड़ा-मझेड़ा गांव निवासी दलीप राम पुत्र मोहन राम का आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। घटना में उनका परिवार बालबाल बच गया है। बारिश के कारण ऊर्जा निगम को भी भारी नुकसान हो रहा है। पेड़ गिरने से दफौट, मनकोट के 20 गांव, बालीघाट क्षेत्र के 25 गांव और दोफाड़, रीमा क्षेत्र के 18 गांवों की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। हालांकि लाइन को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। लेकिन बारिश के कारण व्यवधान आ रहा है। 

प्रशासन ने किया अलर्ट जारी

नदियों के किनारे अवैध तरीक से रेता, बजरी निकालने वालों को पुलिस, राजस्व विभाग की टीम ने सचेत किया। इसके अलावा नगर में भी डुगडुगी की। लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की सख्त हिदायत दी। जल पुलिस सरयू तट पर निगरानी कर रही है। 

सड़कों पर आया मलबा

पालड़ीछीना-जैन करास मोटर मार्ग में जगह-जगह मलबा आ गया है। जिसके कारण यातयात प्रभावित हो गया है। स्थानीय निवासी फते सिंह करायत ने कहा कि यदि कोई दुर्घटना हुई तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उधर, कपकोट के कर्मी, नामतीचेटाबगड़, शामा समेत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग में मलबा आदि आने से यातायात प्रभावित हो गया है। 

मंडलसेरा वार्ड में जल भराव

नगर पालिका के मंडलेसरा वार्ड बरसात के कारण ताल-तलैया बन गया है। जिसके कारण रास्ते भी पानी में डूब गए हैं। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी भुवन चौबे ने कहा कि पानी की निकासी नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। लोगों के घरों में भी पानी भरने लगा है। वहीं, स्टेशन रोड पर सड़क में जलभराव होने से दुकानों में भी पानी घुस गया है। बारिश के कारण बाजार में भी सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। 

खेत बने तलैया, नदियां उफान पर

गरुड़ : कत्यूर घाटी में मूसलधार बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।खेत तलैया बन गए हैं।नदियां उफान पर हैं। कत्यूर घाटी में रविवार की रात्रि से ही लगातार मूसलधार बारिश हो रही है।जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।बारिश के चलते स्कूल भी सोमवार को बंद रहे।खेतों में पानी भर जाने से खेत तलैया बन गए हैं। गोमती व गरुड़ नदियां उफान पर हैं। नदी के जल स्तर को देखते हुए बैजनाथ झील के चारों गेट खोल दिए गए हैं।दिनभर बारिश के चलते लोग घरों में कैद हो गए। काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है।पशुओं के लिए चारे की कटाई बाधित हो गई है।कुछ काश्तकार इस बारिश को खेतों की जुताई के लिए वरदान मान रहे हैं।उनका कहना है कि इससे गेहूं की बुवाई में अब सिंचाई की समस्या नहीं रहेगी।

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