धन का दुरुपयोग: पेयजल योजना पर 90 करोड़ रुपये खर्चे, लीकेज की समस्‍या जस की तस

नई लाइन ब‍िछाने के बाद भी पानी बर्बाद हो रहा है।
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 07:09 AM (IST) Author: Skand Shukla

नैनीताल, जेएनएन: सरोवर नगरी में एडीबी की 90 करोड़ से अधिक की पेयजल सुदृढ़ीकरण योजना के बाद भी लीकेज की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। मोहल्लों तक बिछाई गई लाइनों में लीकेज की वजह से रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद होता है। एडीबी की योजना निर्माण के दौरान पुरानी पाइप लाइनों को नहीं हटाया गया और नई लाइन का काम पूरा होने के बाद किसी कनेक्शन में दिक्कत आई तो पुरानी ही लाइन से कनेक्ट कर दिया गया। इस वजह से झील में गिरने वाले नालों में पाईपों का जाल बना हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासनिक व विभागीय दिशा निर्देश के बाद भी पाइपों को इन नालों से शिफ्ट नहीं किया जा सका। इस समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता शिकायत करते हैं तो जल संस्थान द्वारा एडीबी के योजनाकारों पर दोष थोप दिया जाता है। नतीजा यह है कि रोज शहर में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा हैं।

बेतहाशा बिलों पर चुप्पी

एडीबी योजना से शहर में प्रत्येक उपभोक्ता के यहां इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए हैं। रीडिंग के आधार पर बिल भेजे जाते हैं । कोरोना काल मे तमाम परिवार घरों को बंद कर गांव चले गए और होटल, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे मगर इसके बाद भी जल संस्थान द्वारा हजारों के बिल भेज दिए। उपभोक्ताओं ने बिलों में संशोधन की मांग की तो जल संस्थान ने एक बार फिर एडीबी के मत्थे जिम्मेदारी डाल दी। नतीजतन उपभोक्ता भारी भरकम बिलों से गुस्से में है।  जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है  कि मीटर यदि खराब है तो यह जिम्मेदारी उनकी नहीं है। जिस संस्था ने मीटर लगाए हैं, वो ही ठीक करेंगे। बहरहाल एडीबी व जल संस्थान की नूराकुश्ती में उपभोक्ताओं को चपत लग रही है।

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