गरमपानी में बनने वाली मल्टी लेवल पार्किंग के लिए चढ़ेगी हरियाली की बलि, काटने के लिए 70 पेड़ चिन्हित

गरमपानी में बनने वाली मल्टी लेवल पार्किंग के लिए चढ़ेगी हरियाली की बलि, काटने के लिए 70 पेड़ चिन्हित

अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर गरमपानी क्षेत्र में बनने वाली मल्टीलेवल पार्किंग के लिए करीब सत्तर पेड़ों की बलि चढ़ेगी। इसके लिए जिला विकास प्राधिकरण ने वन निगम को पत्राचार भी कर दिया है। पेड़ों पर बकायदा निशान भी लगाए जा चुके हैं।

Publish Date:Tue, 24 Nov 2020 11:00 AM (IST) Author: Skand Shukla

गरमपानी, जेएनएन : अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर गरमपानी क्षेत्र में बनने वाली मल्टीलेवल पार्किंग के लिए करीब सत्तर पेड़ों की बलि चढ़ेगी। इसके लिए जिला विकास प्राधिकरण ने वन निगम को पत्राचार भी कर दिया है। पेड़ों पर बकायदा निशान भी लगाए जा चुके हैं। वन निगम ने भी पेड़ों को काटने की कवायद तेज कर दी है।

 

गरमपानी क्षेत्र में सरकार ने मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण को स्वीकृति दी है। करीब 2.75 करोड रुपये की लागत से .205 हेक्टेयर क्षेत्र में हाईवे किनारे मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाना है। निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। हाईवे किनारे भूमि पर बेतन व सिल्वर ओंक के लगभग सत्तर से ज्यादा पेड़ स्थित है। वर्षों पुराने हरे भरे पेड़ों को काट मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।

 

जिला विकास प्राधिकरण ने वन निगम को पेड़ों के कटान को पत्राचार भी कर दिया है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि अब वन निगम जल्द ही पेड़ों का कटान करेगा। राज्य सरकार से स्वीकृत 2.75 करोड रुपए की लागत से बनने वाली मल्टी लेवल पार्किंग में 40 दुकानें तथा 100 वाहनों की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से काफी हद तक क्षेत्र को जाम से भी निजात मिल सकेगी।

 

जिला विकास प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर सीएम साह ने बताया कि करीब सत्तर पेड़ काटे जाने हैं। वन निगम ने भी प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। पहाड़ी की तरफ वृहद रुप से पौधरोपण भी किया जाएगा ताकि भविष्य में खतरा डाला जा सके।

 

कमजोर हो चुकी पहाड़ी पर भी होगा असर

हाईवे किनारे गरमपानी क्षेत्र में जिस जगह पर मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाना है वहां वर्षों पुराने विशालकाय बेतन व अन्य प्रजाति के पेड़ है। उक्त भुमि से लगते हुज थुआ के जंगल की खड़ी पहाड़ी भी है। जहां से लगातार पत्थर भी गिरते रहते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो बड़े स्तर पर पेड़ों को काटने से निश्चित रूप से भविष्य में बड़ा नुकसान भी भुगतना होगा। निर्माण कार्यों के दौरान भारी भरकम मशीनें चलने से कमजोर हो चुकी पहाड़ी से पत्थर गिरने की संभावना बड़ सकती है। वर्तमान में पहाड़ी से पत्थर गिरने पर पत्थर बाजार तक नहीं पहुंच पाते और पेड़ों से टकरा जंगल में ही रुक जाते हैं।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.