बागेश्‍वर में 20 सड़कें आवागमन के लिए बंद, 20 हजार लोग प्रभावित, पेयजल संकट गहराया

जिले की 20 सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा बोल्डर पेड़ गिर गए हैं। जिसके कारण सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया है और 20 हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हुई है। हालांकि अधिकतर मोटर मार्ग देर शाम तक खुलने की उम्मीद है।

Prashant MishraWed, 28 Jul 2021 04:51 PM (IST)
जिला प्रशासन ने लोडर मशीन के जरिए सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है।

जागरण संवाददाता, बागेश्वर : रातभर हुई झमाझम बारिश से जिले की 20 सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पेड़ गिर गए हैं। जिसके कारण सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया है और 20 हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हुई है। हालांकि अधिकतर मोटर मार्ग देर शाम तक खुलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने लोडर मशीन के जरिए सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया है।

बीती मंगलवार की रात हुई झमाझम बारिश से गरुड़-द्यौनाई, पालड़ीछीना-जैनक्रास, कौसानी-बैजनाथ, भीड़ी-सिमलोगी, बागेश्वर-गिरेछीना, कंधार-सिरमोली-लोहागढ़ी, बालीघाट-दोफाड़, डंगोली-सैलानी, बांस-पटान-रावतेसरा, रावतसेरा-भाटा, कौसानी-भतेड़िया, विजयपुर-कांडे, डंगोली-गनीगांव, काफलीगैर-खौलसीर, बागेश्वर-कपकोट-तेजम, कपकोट-कर्मी, खड़लेख-भनार, बघर, रिखाड़ी-बाछम, धरमघर-माजखेत आदि मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। कौसानी मोटर मार्ग में भेटा के समीप पेड़ गिरने से घंटों जाम लगा रहा। वाहन चालकों ने स्थानीय लोगों की मदद से बामुश्किल सड़क से पेड़ हटाए।

गिरेछीना मोटर मार्ग में भारी बारिश के कारण चौहाना गांव के मोड़ पर भूस्खलन हो गया है। जिसके कारण सड़क पर मलबा और पेड़ गिर गए हैं। मार्ग से हल्द्वानी, अल्मोड़ा, सोमेश्वर आदि स्थानों को जाने वाले वाहन घंटों फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क को भूस्खलन से भारी नुकसान पहुंचाने लगा है और नालियों के अभाव में सड़क गधेरा बन गई है। इधर, सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया है। जिसके कारण पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।

24 से घंटे बिजली गुल

ऊर्जा निगम की हड़ताल स्थगित होने के बावजूद भी न्याय पंचायत अमसरकोट के चौहाना, डोबा, धारी, अमसरकोट, फल्यांटी, लेटी, जौलकांडे आदि गांवों की बिजली पिछले 24 घंटे से बंद है। स्थानीय निवासी नरेश उप्रेती, नैना लोहनी आदि ने कहा कि विभाग के अनदेखी के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने शीघ्र आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है।

नदियों का जलस्तर

सरयू-867.20 मीटर

गोमती-866.50 मीटर

बैजनाथ बैराज-1113.60 मीटर

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया क‍ि बंद सड़कों को खोलने के लिए लोडर मशीनें लगाई गई हैं। अधिकतर सड़कें शाम तक खुलने की उम्मीद है। बिजली आदि को लेकर ऊर्जा निगम काम पर जुटा हुआ है। पानी की फिलहाल किल्लत नहीं है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

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