रुद्रपुर में गैर इरादतन हत्या के आरोपित को 10 साल की सजा

अजैब सिंह का आरोप था कि घटना से कुछ समय पूर्व ही चुनाव के दौरान शरणजीत सिंह और पुष्पेंद्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप लगाया था कि चुनावी रंजिश में पुष्पेंद्र ने उसके भतीजे शरणजीत सिंह की हत्या की थी।

Prashant MishraSat, 25 Sep 2021 08:42 PM (IST)
10 हजार के जुर्माने से भी दंडित किया है।

जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : गैर इरादतन हत्या के आरोपित को जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने 10 साल की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार के जुर्माने से भी दंडित किया है।

जिला शासकीय अधिवक्ता नंदन सिंह धामी ने बताया कि छतरपुर निवासी अजैब सिंह पुत्र सुधाकर सिंह ने रुद्रपुर कोतवाली में सौंपी तहरीर में कहा था कि 27 फरवरी 2012 की शाम साढ़े पांच बजे वह रुद्रपुर जा रहा था। इसी बीच शांति विहार के पास पहुंचा ही था कि टाटा 407 वाहन एचआर- 61- 1797 के चालक फौजी मटकोटा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र सुनील ने उसके भतीजे शरणजीत सिंह को गलत दिशा टाटा 407 वाहन ले जाकर कुचल दिया। उस समय शरणजीत सिंह रुद्रपुर से घर की ओर जा रहा था। राहगीरों की मदद से उसके भतीजे शरणजीत सिंह को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। जहां उसे चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था।

अजैब सिंह का आरोप था कि घटना से कुछ समय पूर्व ही चुनाव के दौरान शरणजीत सिंह और पुष्पेंद्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप लगाया था कि चुनावी रंजिश में पुष्पेंद्र ने उसके भतीजे शरणजीत सिंह की हत्या की थी। मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया था। बाद में जांच में हत्या की धारा हटाकर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया था। 9 साल चले मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता नंदन सिंह धामी ने 11 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयानों और पत्रावलियों का अवलोकन के बाद जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के आरोपित टाटा 407 चालक को 10 साल की कारावास की सजा सुनाई है।

फुलसुंगा में फंदे से लटककर युवक ने दी जान

रुद्रपुर : अज्ञात कारणोें के चलते टांजिट कैंप के फुलसुंगा में युवक ने दुपटटे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। इसका पता चलते ही स्वजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।

टांजिट कैंप के फुलसुंगा निवासी 22 वर्षीय शुभम शर्मा पुत्र रामबाबू शर्मा शनिवार दोपहर घर में ही था। जबकि उसकी मां समेत अन्य स्वजन घर के बाहर ही थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान शुभम अपने कमरे में गया और दुपटटे का फंदा बनाकर लटक गया। जिससे उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद शुभम की मां और भाई घर के भीतर आए तो वह फंदे से लटका हुआ मिला। यह देख स्वजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शोर शराबा होने पर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर थानाध्यक्ष विनोद फर्त्याल पुलिस कर्मियाें के साथ फुलसु्ंगा पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इस दौरान स्वजनों ने बताया कि शुभम बीमार चल रहा था, जिससे वह परेशान भी था। बाद में पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष विनोद फर्त्याल ने बताया कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है, मृतक के पास से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

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