हरिद्वार: RTI एक्टिविस्ट की गोली लगने से मौत, छात्रवृत्ति घोटाले को उजागर करने में थी अहम भूमिका

हरिद्वार: RTI एक्टिविस्ट की गोली लगने से मौत।

रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के सोपान नगर में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। दरअसल तीन दोस्त रात के समय अकेले रहने वाली दो नाबालिग बहनों के घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि एक नाबालिग बहन के असलहा देखने के दौरान अचानक गोली चल गई।

Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 08:25 AM (IST) Author: Raksha Panthari

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से आरटीआइ कार्यकर्त्‍ता पंकज लांबा की मौत हो गई। प्रदेश के करोड़ों रुपये के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर वर्ष 2013 में आरटीआइ के जरिये पहली बार जानकारी मांगने वाले लांबा ही थे। बताया जा रहा है कि पार्टी में एक किशोरी से पंकज की पिस्टल का ट्रिगर दब गया। पुलिस ने पिस्टल कब्जे में ले ली है और मामले की हर दृष्टि से जांच कर रही है। 

हरिद्वार के सुमननगर में दो किशोरियां अपने दो छोटे भाइयों के साथ किराये के मकान में रहती हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से एक बहन की मानव नामक युवक से दोस्ती है। मानव से पंकज की भी मित्रता थी। पुलिस से पूछताछ में बहनों ने बताया कि शुक्रवार रात पंकज, मानव और उनका एक और दोस्त कासिम उनके घर में पार्टी कर रहे थे। पंकज अपने साथ लाइसेंसी पिस्टल और राइफल भी लेकर आए। बताया जा रहा है कि खाने-पीने का दौर चल रहा था, इस बीच एक किशोरी ने पंकज की पिस्टल हाथ में ली और देखने लगी। इसी दौरान ट्रिगर दब गया और गोली पंकज की गर्दन में धंस गई। हादसे से सभी दोस्त घबरा गए। वे तत्काल पंकज को लेकर सुमननगर पुलिस चौकी पहुंचे। यहां से सिपाही उन्हें अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि पार्टी में मौजूद किशोरियों और पंकज के दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। सभी का दावा है कि गलती से ट्रिगर दब गया। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय के अनुसार पिस्टल और राइफल पुलिस के कब्जे में है। उन्होंने बताया कि जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून से गई टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया। टीम ने घर से शराब की बोतल, खाली गिलास, खून से सने कपड़े और चादर कब्जे में लिए हैं। बैलेस्टिक एक्सपर्ट ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

दलित नेता के तौर पर भी थी पहचान

मूलरूप से मेरठ (उत्तर प्रदेश) के दौराला कस्बे के पास मछरी गांव का रहने वाला आरटीआइ कार्यकत्र्ता पंकज लांबा का परिवार वर्षों से हरिद्वार के सुमननगर में रह रहा है। लांबा आरटीआइ कार्यकर्त्‍ता तो थे ही, कांग्रेस में भी सक्रिय थे। क्षेत्र में उनकी पहचान दलित नेता के तौर पर थी।

दिल्ली की निवासी हैं किशोरियां

हरिद्वार के सुमननगर में किराये के मकान में रहने वाली दोनों बहनें दिल्ली के शास्त्री नगर की रहने वाली हैं। रानीपुर कोतवाली के प्रभारी योगेश देव ने बताया कि तीन साल पहले इन किशोरियों की मां की मौत हो गई थी। बाद में पिता ने दूसरी शादी कर ली और अपनी दोनों बेटियों और दो बेटों को हरिद्वार में किराये का घर लेकर शिफ्ट कर दिया। बच्चों का पिता दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है और बीच-बीच में हरिद्वार आता जाता रहता है।

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