इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा योग गुरु बाबा रामदेव का वीडियो, माडर्न मेडिकल साइंस को दिया कथित एलोपैथी करार

आयुर्वेद और एलोपैथी विवाद पर मौन योग का एलान कर चुके योग गुरु बाबा रामदेव शनिवार को माडर्न मेडिकल साइंस को कथित एलोपैथी करार दिया। इधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हरिद्वार शाखा ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि जब मामले को खत्म कर चुके हैं तो ऐसी बयानबाजी क्यों।

Sumit KumarSun, 06 Jun 2021 03:18 PM (IST)
शनिवार को बाबा रामदेव अपने आधिकारिक मीडिया एकाउंट पर वायरल वीडियो में ऐसा कहते सुनाई दे रहे हैं।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार: आयुर्वेद और एलोपैथी विवाद पर 'मौन योग' का एलान कर चुके योग गुरु बाबा रामदेव शनिवार को माडर्न मेडिकल साइंस को कथित एलोपैथी करार दिया। इधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हरिद्वार शाखा ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि जब मामले को खत्म कर चुके हैं तो ऐसी बयानबाजी क्यों कर रहे हैं।

शनिवार को बाबा रामदेव अपने आधिकारिक मीडिया एकाउंट पर वायरल वीडियो में ऐसा कहते सुनाई दे रहे हैं। यह वीडियो विश्व पर्यावरण दिवस पर योग साधना के वक्त साधकों के साथ बातचीत के समय का प्रतीत हो रहा है। बाबा रामदेव कहते दिख रहे हैं कि माडर्न मेडिकल साइंस में पांच सौ बड़े ड्रग्स को प्रतिकूल प्रभाव की वजह से प्रतिबंधित कर दिया है। अन्य प्रतिबंधित दवाओं को शामिल कर लें तो इनकी संख्या हजारों में है। कह रहे हैं कि माडर्न मेडिकल साइंस में जब कोई दवा बनती है तो उसे तात्कालिक और दीर्घकालिक प्रभाव के पहलू पर परखा जाता है। दीर्घकालिक दुष्परिणामों की बात सामने आने पर इन पर पाबंदी लगा दी जाती है। जबकि, आयुर्वेद में ऐसा नहीं होता है।

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इधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की हरिद्वार जिला इकाई के अध्यक्ष डा. दिनेश सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. आरके सिंघल ने बाबा रामदेव के बयान पर आपत्ति जताई। सवाल किया कि एक तरफ योग गुरु बयान दे रहे हैं कि वह मामले को समाप्त कर चुके हैं, एलोपैथी को लेकर पूर्व में दिए गए बयान पर खेद जता चुके हैं। दूसरी तरफ, इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि वह ऐसा जानबूझकर कर रहे हैं । 

हम एलोपैथी के खिलाफ नहीं

वहीं, योगगुरु बाबा रामदेव ने बीते द‍िनों कहा था क‍ि  हमारा अभियान एलोपैथी या एलोपैथिक चिकित्सकों के खिलाफ नहीं है। हमारा अभियान उन ड्रग माफियाओं के खिलाफ है, जो दो रुपये की दवा को दो हजार रुपये की बेचते हैं। ड्रग माफिया के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। आयुर्वेद को उपेक्षित और अपमानित करने के किसी भी प्रयास को सहन नहीं किया जाएगा।

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