त्योहार के कारण बढ़ गया खर्चा, कैसे चुकाएं बकाया

जागरण संवाददाता, रुड़की: इस माह दीपावली होने से पहले ही खर्चा काफी बढ़ गया है, ऐसे में बकाया कैसे जमा करें। इन दिनों जल संस्थान के कर्मचारियों को बकायेदारों से कुछ इसी तरह की बातें सुनने को मिल रहे हैं। वहीं कोई बकायेदार दीपावली के बाद तो कई अगले महीने तक बकाया चुकाने के लिए मोहलत मांग रहें हैं। उधर, बकायेदारों का यह रवैया कर्मचारियों की चिता बढ़ा रहा है।

जल संस्थान की ओर से शहर में पेयजल के बकायेदारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। विभाग को मार्च 2020 तक बकायेदारों से कुल सात करोड़ रुपये बकाया वसूलना है। वहीं बकायेदारों की सूची में निजी उपभोक्ता के साथ ही कुछ सरकारी विभाग भी शामिल हैं। इस सूची में दो हजार से अधिक बकायेदारों के नाम दर्ज हैं। वहीं विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से सहायक अभियंता से लेकर जेई और कर्मचारियों को बकाया वसूली के लिए अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है। जिसमें विभाग के 30 से अधिक कर्मचारी लगे हुए हैं। ये कर्मचारी प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर बकायेदारों के दरवाजे खटका रहे हैं, लेकिन उम्मीद के अनुसार बकाया नहीं जमा होने पर उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि वे रोजाना जितने भी बकायेदारों के घर जा रहे हैं उनमें से अधिकांश दीपावली का त्योहार होने का बहाना बना रहे हैं। बकायेदारों का कहना है कि इस माह त्योहार होने की वजह से खर्चा बढ़ गया है। ऐसे में इस वक्त बकाया जमा करना उनके लिए संभव नहीं है। बताया कि कुछ बकायेदार दीपावली के बाद तो कुछ नवंबर तक बकाया चुकाने के लिए समय मांग रहें हैं। उनके अनुसार प्रतिदिन अधिकांश कर्मचारी दस-बारह हजार रुपये की ही बकाया वसूली कर पा रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर जल संस्थान के सहायक अभियंता राजेश कुमार निर्वाल का कहना है कि त्योहार होने के कारण बकायेदारों से बकाया उम्मीद के अनुसार कम वसूला जा रहा है, लेकिन अगले माह से इसमें तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे।

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